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चुनाव ड्यूटी से बचने को हथकंडे अपना रहे वाहन स्वामी

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ज्ञानपुर। लोकसभा चुनाव में वाहनों के अधिग्रहण से बचने के लिए वाहन स्वामी हर मुमकिन कोशिश अपन रहे हैं। परिवहन विभाग में शादी और बीमारी को लेकर 100 से अधिक आवेदन आ चुके हैं, जो डीएम कार्यालय से हस्तांतरित हैं। इसको लेकर परिवहन विभाग असमंजश में है। कोई घर में शादी की बात कर रहा है तो कोई बीमारी का सहारा लेकर चुनाव ड्यूटी से वाहन को मुक्त कराने की जुगत में लगा हैं।
छठवें चरण में 12 मई को जिले में मतदान होना है। जिले के 700 मतदान केंद्रों पर सुरक्षाकर्मियों, पीठासीन, मतदान अधिकारी, सेक्टर मजिस्ट्रेट को भेजने के लिए वाहनों की व्यवस्था की जा रही है। जिला निर्वाचन अधिकारी राजेंद्र प्रसाद के निर्देश पर परिवहन विभाग की ओर से 800 बड़े वाहन और 700 छोटे वाहनों को अधिग्रहीत करने के लिए नोटिस भेजा गया है। करीब 20 दिन से अधिक समय पूर्ण हो चुका है, लेकिन कुछ को छोड़ दिया जाए तो बड़ी संख्या में वाहन स्वामी परिवहन विभाग के दफ्तर में आकर अपनी स्थिति को स्पष्ट नहीं कर रहे हैं।
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निजी, स्कूलों की बसें, बोलेरो संग कारों को अधिग्रहीत किया जा रहा है। 100 से अधिक वाहन स्वामी घर में शादी या बीमारी का हवाला देकर जिला निर्वाचन अधिकारी से ड्यूटी से मुक्त करने की मांग की है। खास बात यह है कि परिवहन विभाग में आने वाले प्रार्थना पत्र में डीएम कार्यालय से हस्ताक्षर भी किया जा रहा है। इसको लेकर परिवहन अधिकारी असमंजस में हैं।
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एआरटीओ सत्येंद्र कुमार यादव ने कहा कि वाहन को कार्यमुक्त करने को लेकर कोई आदेश नहीं दिया जा रहा है। नौ से 12 तक चार दिन के लिए वाहनों का अधिग्रहण किया जा रहा है। चार दिनों में वाहन स्वामी को 1350 रुपये की दर से पांच हजार से अधिक उनके खाते में भेजा जाएगा। 30 अप्रैल तक सभी वाहन स्वामी कार्यालय में उपस्थित होकर अपनी बात नहीं रखेंगे तो उच्चाधिकारियों से बात कर कार्रवाई की जाएगी। कहा कि एक मई से अभियान चलाकर वाहनों को अधिग्रहीत कर लिया जाएगा।
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