ज्ञानपुर। ...काश शासन के दूत और जिले के नोडल अधिकारी अनिल कुमार का निरीक्षण जनपद के सबसे बड़े ब्लाक क्षेत्र डीघ में हो जाता तो दूध का दूध और पानी का पानी अपने आप साफ नजर आता।
ब्लॉक के कई गांवों में करोड़ों रुपये का वारा-न्यारा तो कर लिया गया, लेकिन कहीं आवास अधूरे पड़े हैं तो कहीं शौचालय की दशा दयनीय है। स्वच्छता और अन्य विकास कार्यों के नाम पर लाखों रुपये की घपलेबाजी को लेकर क्षेत्र सुर्खियों में रह चुका है। बताते चलें कि इसके पूर्व में भी नोडल अधिकारी कई बार जनपद का भ्रमण कर निर्माणाधीन परियोजनाओं, केंद्र-प्रदेश सरकार की ओर से चलाई जा रहीं योजनाओं से रूबरू भी हो चुके हैं। जिला प्रशासन ने एक-दो गांवों को चिह्नित कर चौपाल लगाने जैसी औपचारिकताएं पूर्ण कर वाहवाही लूटी, लेकिन वास्तविकता के धरातल पर सबकुछ पुराने ढर्रे पर ही चल रहा है। पात्र आवास के लिए भटक रहे हैं जबकि लिस्ट में शौचालय बनकर तैयार हो चुके हैं। राजमार्ग से लगायत गांव हो अथवा तटवर्ती गांव चहुंओर अराजकता का बोलबाला देखने को मिलेगा। क्षेत्रवासियों ने जिलाधिकारी से डीघ क्षेत्र में भी नोडल अधिकारी का निरीक्षण कार्यक्रम निर्धारित करने की मांग की है। बृहस्पतिवार को जिले के नोडल अधिकारी का जिले में दौरा हो रहा है। इससे ग्रामीणों की उम्मीदें बढ़ गईं हैं।