ज्ञानपुर। समाजवादी सेक्युलर मोर्चा ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंच 15 सूत्री मांगों को लेकर हुंकार भरी। साथ ही जिलाध्यक्ष अकील अख्तर सिद्दीकी के नेतृत्व में राज्यपाल के नाम संबोधित मांग पत्र जिलाधिकारी को सौंपा गया।
आरोप मढ़ा गया कि केंद्र और प्रदेश की सरकार किसानों, बेरोजगारों, गरीब व मध्यम परिवारों के लिए योजनाएं तो चलाई जा रही हैं लेकिन कोई लाभ मिलता दिखाई नहीं दे रहा है। आरक्षण के नाम पर जनसमुदाय को बांटकर भड़काया जा रहा है। भ्रष्टाचार पर रोक की अपेक्षा बढ़ावा दिया जा रहा है। गरीबी हटाओ-रोजगार लाओ तथा शिक्षा, दवा के नाम पर लूटखसोट मची हुई है। मजदूरों की मजदूरी बढ़ाने के बजाय न्यूनतम दर दी जा रही है। पेट्रो पदार्थों में बेतहाशा वृद्धि कर कि सानों व व्यापारियों की कमर तोड़ी जा रही है। सरकारी कर्मचारि यों को काम करने में बाधा उत्पन्न कर परेशान किया जा रहा है। कानून राज के नाम पर मात्र कागजी कोरम पूरा कर वाहवाही लूटी जा रही है।
छट्टा घुम रहे पशुओं को शरण के बजाय सरकारी धन के बंदरबांट का खेल कर धनाड्य लोगों को लाभान्वित करने का कुचक्र रच गरीब किसानों को बर्बाद करने की साजिश रची जा रही है। बेरोजगारों को भ्रमित कर उनके भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ जैसे जटिल मुद्दों पर विराम न लगाया जा सका तो कार्यकर्ता सड़क से सदन तक पीछे नहीं हटेंगे। अन्य वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान सरकार से अब हर वर्ग ऊब चुका है। आने वाले समय में बदलाव होकर रहेगा। अंत में समस्याओं के निराकरण संबंधी मांगपत्र जिलाधिकारी को सौंपा गया। प्रदर्शन करने वालों में जयराम मौर्य, रामराज यादव, राजमणि यादव, सूबेदार सिंह, दशरथ यादव, घनश्याम पासी, मदलाल, अतीक अंसारी, रामप्रसाद पाल, सदानंद, माबूद अंसारी, सुशील श्रीवास्तव, मनोज तिवारी, महेंद्र कन्नौजिया समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे।