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जर्मनी में चार दिवसीय डोमोटेक्स का शुभारंभ आज (दो खबरें)

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भदोही। फ्लोर कवरिंग में विश्व के सबसे बड़े चार दिवसीय डोमोटेक्स मेले का शुक्रवार को शुभारंभ होगा। भारत से लगभग चार सौ कालीन निर्यातक नई उमंग और उम्मीदें लेकर हनोवर (जर्मनी) पहुंच चुके हैं। मेले में बृहस्पतिवार से ही चहल- पहल शुरू हो गई थी। हालांकि इसका विधिवत शुभारंभ शुक्रवार को भारतीय समयानुसार दोपहर 1.25 बजे होगा। भाग ले रहे लगभग 240 कालीन निर्यातक भदोही, मिर्जापुर, वाराणसी कालीन परिक्षेत्र के हैं, जो अपनी नई और उम्दा कारीगरी वाले कालीन प्रदर्शन करने के लिए साथ ले गए हैं।
डोमोटेक्स एकमात्र ऐसा फेयर है, जिसका परिक्षेत्र के कालीन निर्यातक साल भर इंतजार करते हैं। लोगों की मानेें तो भारी भरकम खर्च कर मेले में भाग लेते हैं, लेकिन चार दिन के फेयर में जो व्यवसाय होता है, उससे उन्हें पूरी संतुष्टि मिलती है। कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) फेयर में भारतीय पवेलियन की व्यवस्था करती हैं, जिसके माध्यम से इस वर्ष 160 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। बड़ी संख्या में भारतीय निर्यातक स्वतंत्र रूप से भी मेले में हिस्सा ले रहे हैं। परिषद के प्रशासनिक समिति के सदस्य उमेश कुमार गुप्ता बताते हैं कि इस फेयर के लिए लोग जी-तोड़ मेहनत करते हैं और आम तौर पर हर प्रतिभागी को तीन से छह महीने का काम मिल जाता है। यही कारण है कि इसमें भाग लेने का मौका नहीं चूकते।
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परिषद के अधिशासी निदेशक जो परिषद के दल के साथ जर्मनी पहुंच चुके हैं। उन्होंने फोन पर बताया कि हाल नंबर-3 में आकर्षक भारतीय पैवेलियन तैयार किया गया है। इसमें भारतीय निर्यातकों को स्टॉल आवंटित किया गया है। बताया कि भारतीय समयानुसार दोपहर 1.25 बजे कालीन मेले का उद्घाटन होगा। हालांकि मेले में बृहस्पतिवार से ही विजिटरों का आना जाना शुरू हो गया था। भदोही के प्रमुख कालीन निर्यातक इम्तियाज अंसारी ने कहा कि इस फेयर में विश्व के 60 देशों के 38 हजार विजिटरों के लिए हमारे कालीन आकर्षण का केंद्र होंगे।
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ट्रेवल एजेंसी की ठगी से निर्यातकों का दोहरा नुकसान
भदोही । जर्मनी के हनोवर शहर में आयोजित डोमोटेक्स फेयर शुरू होने से ठीक पहले नगर की ट्रेवल एजेंसी के दर्जनों कालीन निर्यातकों से एडवांस लेकर टिकट नहीं देने के चलते निर्यातकों को दोहरा नुकसान झेलना पड़ रहा है। एक ओर लोगों का अग्रिम भुगतान जहां फंस गया है, वहीं ऐन मौके पर लोगों को ऊंची कीमत में टिकट की बुकिंग करनी पड़ी। ग्लोबल ओवरसीज गोपीगंज के संतोष कुमार गुप्ता ने कहा कि आम तौर पर एक प्रतिष्ठान से पांच-पांच लोग मेले में भागीदारी करते थे, लेकिन ट्रैवेल एजेंसी के पैसे लेकर टिकट नहीं देने से बहुत से लोगों को दौरा रद करना पड़ा। इसमें कई ऐसे लोग हैं जो पहली बार जर्मनी जा रहे थे। जर्मनी रवाना होने से पूर्व उन्होंने कहा कि पुलिस मामले में हीलाहवाली कर रही है। जबकि इससे उद्योग जगत का बड़ा नुकसान हुआ है।
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