ज्ञानपुर। एक सप्ताह की बारिश ने जमकर तबाही मचाई है। करीब चार दशक बाद दैवी आपदा से जिले को बड़ा नुकसान हुआ है। बेघर हुए हजारों परिवारों को अब तक मुआवजा नहीं मिल सका है। सरकारी आंकड़ों में बेघर लोगों का आंकड़ा 10 हजार है, जबकि हकीकत इससे कहीं अधिक है। शासन ने पीड़ितों केे घाव पर मरहम लगाने के लिए दो करोड़ 78 लाख रुपये भेजा है। सरकार की ओर से भेजी गई यह रकम ऊंट के मुंह में जीरा के समान मानी जा रही है। आपदा में जान गंवाने वाले सात परिवारों के पांच लोगों के आश्रितों को आठ-आठ लाख का मुआवजा दिया गया।
26 सितंबर की रात से शुरू हुई बारिश एक अक्टूबर तक थम गई। बारिश ने कई दशकों का रिकार्ड तोड़ दिया। खेत-खलिहान से लेकर घरों तक में पानी भर गया। इससे दशकों पूर्व बने कच्चे और पक्के घर बारिश और सीलन के असर को सह नहीं सके और जमींदोज हो गए। जिन परिवारों के पास रहने और खाने का विकल्प था, वह तो किसी तरह समय काट लिए, लेकिन जो परिवार बेघर हो गए वह स्कूल, पंचायत भवन और पड़ोसियों के सहारे अपना जीवन काट रहे हैं। पानी का घटाव होने के बाद बेघर हो चुके लोग आशियाने की राह निहार रहे हैं। ऐसे लोगों को राहत देने के लिए शासन ने जिले की तीनों तहसीलों को दो करोड़ 78 लाख रुपये स्वीकृत कर दिया है। पीड़ितों के खाते में पैसा भेजने की कवायद भी शुरू हो गई है, लेकिन तकनीकी खामियों के चलते अब तक 90 फीसदी लोग इमदाद से वंचित हैं। भदोही, ज्ञानपुर और औराई तहसील में आपदा से जान गंवाने वाले सात परिवारों में पांच के आश्रितों को मुआवजा दिया जा चुका है। हालांकि शासन से भेजी गई रकम पर्याप्त नहीं मानी जा रही है। एक पखवारे में तैयार की गई रिपोर्ट के अनुसार बेघर परिवारों की संख्या 10 हजार है, जबकि यह आंकड़ा बढ़ भी सकता है। ज्ञानपुर तहसील में 3300 परिवारों के लिए 90 लाख, औराई में तीन हजार परिवारों के लिए एक करोड़, जबकि भदोही में 3200 के लिए 92 लाख स्वीकृत हुआ है। औराई तहसील में अब तक पांच लाख पीड़ितों के खाते में जा चुका है। सह संयोजक आपदा राहत एवं सेवाएं गोवर्धन राय ने कहा कि बारिश के बाद तीनों तहसीलों में मदद देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
तीनों तहसीलों में दैवी आपदा से पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने के लिए करीब दो करोड़ 78 लाख की रकम आ चुकी है। रकम लाभार्थी के सीधे खाते में भेजना है, जिससे खातों की फीडिंग आदि कराई जा रही है। एक सप्ताह के अंदर पैसा सभी के खाते में पहुंच जाएगा।
राम सिंह वर्मा, एडीएम
किसको कितना मिलेगा मुआवजा
औराई। दैवी आपदा के शिकार और बेघर परिवारों को अलग-अलग मुआवजा दिया जाएगा। कच्चे मकान वालों को 3200, पक्के मकान वालों को 4200 और पशुशाला के लिए 2100 रुपये खाते में भेजे जाएंगे।
किसानों को तुरंत नहीं मिलेगी मदद
ज्ञानपुर। बारिश और जलजमाव से नष्ट हो चुकी ढाई हजार बीघे तिलहन और दलहन की फसलों का मुआवजा फिलहाल किसानों को जल्द नहीं मिलेगा। प्रधानमंत्री किसान बीमा योजना के लिए नामित बजाज एलियांज कंपनी क्राफ्ट कटिंग में क्षति का अवलोकन करेगी। उसके बाद नुकसान की भरपाई किसानों को दी जाएगी।