भदोही। मुकद्दस रमजान के पहले अशरे में मस्जिदों में तरावीह का पहला दौर धीरे धीरे अपने समापन की ओर बढ़ रहा है। सोमवार की रात नगर की प्रमुख तकिया कल्लन शाह जामा मस्जिद में पेश इमाम हाफिज परवेज अच्छे ने तरावीह का एक दौर मुकम्मल कराया। देर रात आखरी सूरह पढ़ते ही वहां मौजूद नमाजियों ने हाफिज को फूल माला पहना कर इस्तकबाल किया। बड़ी संख्या में लोगों ने हाफिज से मुसाफा (हाथ मिलाना) कर मुबारकबाद दी। इसके बाद अकीदतमंदों में तबर्रुख बांटे गए।
हाफिज परवेज ने कहा कि मुकद्दस रमजान इंसान के लिए अल्लाह का अनमोल तोहफा है। इस पाक महीने में अल्लाह की बेपनाह रहमते व बरकते बंदो पर होती हैं। अल्लाह इस महीने में की गई एक नेकी के बदले 70 गुना सवाब देता है। कहा कि इस मुकद्दस महीने में कसरत से इबादत करनी चाहिए। यह भी कहा कि यह नेकी का महीना है। जहां तक हो सके रोजेदारों को इफ्तार कराना न भूलें। यह अल्लाह को पसंद है।
तरावीह खत्म होते ही लोगों ने हाफिज से मिलने को बेताब हो उठे। लोगों ने उन्हें फूलों से लाद दिया। स्वागत करने वालों में शमशुद्दीन अंसारी, सैयद वसीम, हाफिज हसनैन, हाफिज अरफात हुसैन, हाफिज मेराज, हाफिज सुफियान, शमसुद्दीन मुन्ना, हाफिज इरफान, हाफिज नायाब, हाफिज अल्तमश, अहमद, रज्जन हाशमी, बबलू हाशमी, जावेद आसिम, मुख्तार हाशमी, नन्हकू हाशमी, जावेद खां, मन्ना खां, डा.रियाज दल्लु, अश्फाक मंसूरी, मो.अनस, मो.दानिश, अब्दुल माबूद खां आदि रहे।