ज्ञानपुर। लोकसभा चुनाव को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी राजेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मानीटरिंग टीमों की बैठक हुई। इसमें सबको उनकी जिम्मेदारी का एहसास कराते हुए ईमानदारी से चुनाव कार्य संपन्न कराने के लिए ताकीद किया गया।
जिला निर्वाचन अधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने अधिकारियों से कहा कि वह अपने पास एंड्रॉयड मोबाइल फोन रखेंगे। निर्वाचन जैसे अहम कार्य को महत्व दें, मोबाइल को स्विच ऑफ कत्तई न होने दें। ताकि निर्वाचन का कोई भी कार्य प्रभावित न हो। तीनों विधानसभा क्षेत्रों के लिए गठित नौ उड़न दस्ता दलों से कहा कि आपकी मुख्य भूमिका अधिसूचना जारी होने की मध्य रात्रि से प्रारंभ हो जाएगी। उड़न दस्ता अवैध नगदी का आदान प्रदान, शराब का वितरण या अन्य कोई संदेहास्पद वस्तुएं, जो मतदाताओं को लुभाने जैसी होंगी, उन पर नजर रखेंगे। दस्ते में टीम का प्रमुख मजिस्ट्रेट की तरह काम करेगा। उसके साथ एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, एक वीडियोग्राफर, तीन सशस्त्र पुलिस कार्मिक लगे रहेंगे। वीडियो की निगरानी टीमों को निर्देश दिया कि व्यय से संबंधित सभी घटनाओं और साक्ष्यों को पकड़ने में सक्षम होना चाहिए। टीमों को शूटिंग की शुरुआत का नाम और प्रकार, तारीख, स्थान और घटना का संचालन करने वाली पार्टी और अभ्यर्थी का नाम स्वर प्रणाली के वॉयस मोड में रिकार्ड करना होगा।
उन्होंने वीडियों अवलोकन टीमों लगे अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वीडियो निगरानी दलों की ओर से बनाए गए वीडियो अन्य किसी को नहीं दिया जाएगा। कहा कि लेखा टीमें भी दिशा-निर्देश के अनुसार ही कार्य करेंगी। निर्वाचन अधिकारी ने मीडिया प्रमाणन एवं अनुवीक्षण समिति के टीमों को निर्देश दिया कि विज्ञापनों के प्रमाणीकरण कार्य के अलावा, केबल नेटवर्क सहित प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुवीक्षण करेगी और निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थी या राजनैतिक दल के निर्वाचन से संबंधित सभी विज्ञापनों, पेड न्यूज को भी रिकॉर्ड करेगी। मौके पर वरिष्ठ कोषाधिकारी धर्मेंद्रपति त्रिपाठी, अभिषेक मिश्रा, मीना श्रीवास्तव, भरत लाल गौड़, लालजी यादव, अजय कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।