भदोही। भारत सरकार वस्त्र मंत्रालय के प्रधानमंत्री कौशल सम्मान कार्यक्रम के तहत गुरुवार को भारतीय कालीन प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईसीटी) में 141 बुनकरों और शिल्पियों को उनके शिल्प ज्ञान को मान्यता देते हुए प्रमाण पत्र दिया गया। सम्मानित बुनकरों में महिलाएं भी थीं। कार्यक्रम का आयोजन हैंडीक्राफ्ट एंड कारपेट सेक्टर स्किल डेवलपमेंट काउंसिल व कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) द्वारा किया गया।
समारोह में हैंडीक्राफ्ट एंड कारपेट सेक्टर स्किल डेवलपमेंट काउंसिल के अध्यक्ष सिद्धनाथ सिंह ने कहा कि ऐसे बहुत से बुनकर हैं जिन्हें बुनाई का भरपूर ज्ञान है, लेकिन कभी उनके ज्ञान को मान्यता नहीं मिली थी। यह पहला अवसर है जब ऐसे शिल्पियों के ज्ञान की परख कर उन्हें प्रमाण पत्र दिया जा रहा है। इससे वे सरकार की विभिन्न योजनाओं में हिस्सा ले सकेंगे और आवश्यकता पड़ने पर लाभ भी प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि ज्ञान कोई छीन नहीं सकता। ज्ञान को बांटा जा सकता है।उन्होंने अनुभवी शिल्पियों से युवा शिल्पियों को आगे लाने में सहयोग मांगा। अतिथियों के हांथों मिले प्रमाणपत्र पाकर शिल्पियों की खुशी का ठिकाना न रहा।
सीईपीसी के अधिशासी निदेशक संजय कुमार ने बताया कि योजना के लिए जागरूकता की जिम्मेदारी अनुसंधान और प्रशिक्षण देने वाली इकाई एएमएस को दी गई थी। बताया कि शिल्पियों के ज्ञान की परख कर 141 का चयन किया गया जिसमे 30 महिलाएं हैं। बताया कि जनपद में ऐसे 4 हजार लोगों को प्रमाण पत्र दिया जाना है। समारोह को ई़डी किशन कुमार, एकमा अध्यक्ष ओएन मिश्र, मानद सचिव शाहिद हुसैन, फिरोज वजीरी, हाजी अब्दुल हादी, डा.एसके पांडेय, आदि ने विचार व्यक्त किए। कृपाशंकर तिवारी, भरतलाल मौर्य, ओमप्रकाश मौर्य, एमए अंसारी, वीके सिन्हा, एसके सिनहा आदि मौजूद रहे।