भदोही। डुड़वा धर्मपूरी के अस्थाई गोशाला में यदि तत्काल पशुओं के खाने और उपचार की व्यवस्था नहीं कराई गई तो और पशुओं की जान जा सकती है। यह कहना है वहां के ग्रामीणों का। कहा जा रहा है कि एक सप्ताह हो गए अब तक वहां पशुओं को पुआल परोसा जा रहा है। गोशाला के अंदर सोमवार को आधा दर्जन पशु बीमार मिले जिनका उपचार तो हो रहा है लेकिन बगैर उचित खान पान के उन्हें दिक्कत हो सकती है।
ग्राम पिपरिस निवासी धनगर समाज के मंडल अध्यक्ष अखिलेश प्रकाश पाल ने कहा कि अभी तो लोग गावों-खेतों में छुट्टा घूम रहे पशुओं को लेकर गोशाला पहुंच रहे हैं। शासन ने गोशाला खोलने में तेजी जरूर दिखाई लेकिन छुट्टा पशुओं की संख्या का आंकडा नहीं लगा पाई। उन्होंने यह भी कहा कि बहुत से ग्रामीणों की शिकायत है कि गोशाला में लोग पशु नहीं ले रहे हैं। जबकि अभी भी लोग खेत तहस नहस करने वाले छुट्टा पशुओं को लेकर पहुंच रहे हैं।
सोमवार को जब डुड़वा धर्मपूरी के अस्थाई गोशाला का जायजा लिया गया तो मुख्य द्वार पर दर्जनो लोग जानवर लेकर खड़े थे। सभी अपने गांव के प्रधान की शिफारिश लेकर वहां आए थे। बावजूद इसके जानवरों को अंदर नहीं लिया जा रहा था। वहां तैनात पशुधन प्रसार अधिकारी संजीव सिंह ने बताया कि शासन ने छुट्टा पशुओं के लिए गोशाला बनवाया है लेकिन लोग घर पर बंधे जानवर लेकर पहुंच जा रहे हैं। ग्राम पिपरिस निवासी भाजपा नेता जय कुमार सिंह ने कहा कि छुट्टा पशु हर गांव में हैं। हर गांव में छोटे छोटे गोशाला खोला जाना चाहिए ताकि उस गांव के पशु उसी गांव में रह जाएं।