औराई/गोपीगंज। जिले के दो थाना क्षेत्रों में बुधवार और बृहस्पतिवार को हुईं दो घटनाओं में पटाखे की चिंगारी से दुकान और गुमटी जलकर राख हो गईं, जबकि पटाखा जलाने में एक बालक झुलस गया। झुलसे बालक का उपचार एक निजी अस्पताल में कराया गया।
औराई संवाददाता के अनुसार, राजापुर घोसिया निवासी विधवा अशर्फी देवी तहसील रोड पर एक गुमटी में चाय और नाश्ते की दुकान चलाती है। उसी के सहारे वह अपनी पांच लड़कियों और एक मानसिक रूप से बीमार लड़के का जीविकोपार्जन करती हैं। प्रतिदिन की तरह वह बुधवार की रात गुमटी बंद कर घर चली गई। रात में आसपास के लोग आतिशबाजी कर रहे थे कि करीब 11 बजे रात में पटाखे की चिंगारी से गुमटी में आग लग गई। इससे वह धू-धूकर जलने लगी। सूचना मिलने के बाद अग्निशमन विभाग का वाहन भी पहुंचा, लेकिन तब तक सब कुछ जल चुका था। इससे पूर्व स्थानीय लोगों ने मिलकर आग को बुझाने का प्रयास किया, लेकिन खास फायदा नहीं हुआ। बृहस्पतिवार सुबह जब अशर्फी देवी गुमटी पर आई तो सब कुछ जला देखकर रोने लगी। आसपास के लोगों ने उसकी कुछ मदद की, लेकिन जीविकोपार्जन का साधन ही खत्म हो जाने से परिवार मायूस था। राजस्व विभाग का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इसको लेकर लोगों में नाराजगी थी। बताते चलें कि दो माह पूर्व अशर्फी के पति मुन्नालाल गुप्ता की बीमारी से मौत हो चुकी है। गोपीगंज संवाददाता के अनुसार, कोतवाली क्षेत्र के गिराई गांव में बृहस्पतिवार की शाम पटाखा जलाते समय कमलाकांत (10) पुत्र भगवान दास झुलस गया। आनन-फानन में उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। बताया जाता है कि कुछ युवा आतिशबाजी कर रहे थे। उसी दौरान एक पटाखा नहीं जला तो उसे फेंक दिए। कमलकांत उस पटाखे को लेने गया तभी वह फट गया। इससे वह झुलस गया। इसी तरह गोपीगंज नगर के खड़हट्टी मोहाल में बुधवार की रात एक पटाखा की दुकान में अचानक आग लग गई। इससे आस पास अफरातफरी मच गई। किसी तरह आग को बुझाया गया। पटाखा दुकानदार ने प्रशासनिक कार्रवाई के डर से पटाखे के मलबे को कुएं में डाल दिया। बताया जाता है कि एक राकेट उस दुकान पर आकर गिर गया। इससे एक-एक कर सभी पटाखे जलने लगे। संयोग था कि उस दौरान कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।