ज्ञानपुर (भदोही)।
पिछली यूपी बोर्ड परीक्षा में मानक के अनुरूप न होते हुए भी परीक्षा केंद्र बनने में सफल रहे 10 विद्यालय इस बार की परीक्षा में केंद्र नहीं बन पाएंगे। शिक्षा विभाग की सख्ती से विद्यालयों में हड़कंप हैं। केंद्र बनने के लिए विद्यालयों ने पूरा जोर लगा दिया है मगर उनके प्रयासों पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
परीक्षा केंद्र निर्धारण के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक श्याम सरोज वर्मा ने जिले के सभी 175 माध्यमिक विद्यालयों का निरीक्षण कर उनके यहां उपलब्ध संसाधनों के विवरणों को यूपी बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड करा दिया है। इस रिपोर्ट पर विद्यालयों से 25 सितंबर तक आपत्तियां दर्ज कराने को कहा गया है। इसके बाद परीक्षा केंद्रों का निर्धारण कर दिया जाएगा। पिछली बोर्ड परीक्षा में जिले में कुल 105 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इनमें 10 मान्यता प्राप्त वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालय ऐसे भी शामिल थे, जो केंद्र बनने का मानक नहीं पूरा करते थे। मानक के अनुरूप न होने के बाद भी शिक्षा विभाग की मेहरबानी से परीक्षा केंद्र बन गए थे। इन विद्यालयों में पक्की छत का ना होना, कमरों की कमी, बाइंड्रीवाल की कमी, शौचालयों का अभाव समेत अन्य कमियां है। परिषद के निर्देश पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने केंद्र निर्धारण के लिए सभी विद्यालयों की कड़ाई से जांच की। जांच में 10 विद्यालयों में संसाधनों की कमी पाई गई। साथ ही तीन नए विद्यालय मानक के अनुरूप मिले, जो पिछली परीक्षा में केंद्र नहीं बनाए गए थे। ये विद्यालय इस बार की परीक्षा में केंद्र बनाए जा सकते हैं। शिक्षा विभाग के इस सख्त रवैये से शिक्षा माफियाओं में हड़कंप है। परीक्षा में कल कराने की उनकी ठेकेदारी खतरे में पड़ गई है।
मानक पूरा करने वाले विद्यालय ही परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे। पूरी पारदर्शिता के साथ केंद्रों का निर्धारण किया जाएगा। विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों के विवरणों को परिषद की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। - श्याम सरोज वर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक