भीषण गर्मी में पानी की खपत बढ़ते ही खराब हैंडपंपों के आंकड़े ने प्रशासन की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। पेयजल समस्या पर सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित कैंप कार्यालय में आयोजित जिला प्रशासन के अधिकारियों की बैठक में जिले में 1900 से अधिक खराब हैंडपंपों की सूची देखकर जिलाधिकारी का माथा भी ठनक गया। जिलाधिकारी ने 15 दिन के अंदर सभी खराब हैंडपंपों को दुरुस्त कराकर सूचित करने का निर्देश मातहतों को दिया है।
जिलाधिकारी सुरेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को जिले में गहराते पेयजल संकट को लेकर अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें डीएम ने कहा कि हैंडपंप पेयजल के प्रमुख साधन हैं। जलस्तर खिसकने से लोगों को गर्मी में पानी के लिए ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है। डीएम ने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया कि अपने-अपने ब्लॉकों में खराब हैंडपंप, नलकूपों की स्थिति स्पष्ट करें। शिकायती रजिस्टर अप-टू-डेट रखें। शिकायत दर्ज करने के बाद उसका त्वरित निस्तारण किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने हैंडपंपों के रिबोर कराने, खराब उपकरण को सही कराने के लिए अधिशासी अभियंता जल निगम, जेई को निर्देश दिया।
सभी बीडीओ ने डीएम के समक्ष रिबोर लायक हैंडपंपों की सूची सौंपी। इसमें सुरियावां में 343, अभोली में 266, डीघ में 300, ज्ञानपुर में 342, भदोही में 285 और औराई में 300 हैंडपंप शामिल हैं। इसी तरह नगर निकायों में भदोही में 20, गोपीगंज में 14, सुरियावां में पांच, खमरियां में 15, ज्ञानपुर में छह, घोसिया में चार और नई बाजार नगर पंचायत में 15 हैंडपंप रिबोर लायक हैं।
डीएम ने ब्लॉकों में तैनात जल निगम के जेई को निर्देश दिया कि हैंडपंपों की जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। पेयजल योजनाओं की भी जांच कर आख्या देने को कहा। उन्होंने आदर्श गांव कौलापुर में पेयजल परियोजना को जल्द से जल्द चालू कराने का निर्देश अधिशासी अभियन्ता जल निगम को दिया। इस मौके पर सीडीओ रमेश चंद्र पांडेय समेत कई विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।