भदोही। मदरसा तक़वा गर्ल्स इस्लामिक स्कूल में रविवार को फिक्र तकवा कांफ्रेंस व जश्ने रिदाए फजीलत का आयोजन हुआ। विशेष रूप से महिलाओं के लिए आयोजित कांफ्रेंस में वाराणसी व टांडा की आलिमाओं ने वाल्दैन के हुकूक, मां बाप के प्रति औलादों के कर्तव्य समेत कई विषयों पर कुरआन व हदीस की रौशनी में तफसील से चर्चा की। कार्यक्रम में डेढ़ दर्जन छात्राओं को सनद और प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
टांडा से तशरीफ लाई आलिमा नफीस फातमा ने वालदैन के हुकूक और औलाद पर रोशनी डालते हुए कहा कि कुरआन में दोनो को अलग अलग अधिकार दिए गए हैं। वालदैन की जिम्मेदारी है कि वे अपने औलाद को तालीम दें। उन्हें अच्छे संस्कार दें। उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करें लेकिन औलाद को आजीवन मां बाप की खिदमत करनी चाहिए। वाराणसी की आलिया रिजवाना व घोसी की नासिरा ने इल्म का एहतराम करने और इंसानियत पर रोशनी डाली। सुन्नते मुस्तफा व मार्डन साइंस, मार्डन टेक्नोलाजी और कुरआनी ऊसूल आदि विषयों पर लोगों को खिताब किया।
वाराणसी की शायरा साजिया अंसारी व समा नूरी हम्द ने नातेपाक का नजराना पेश किया। निजामत प्रिंसपल फरजाना ने किया।
संरक्षक हाजी शाहिद हुसैन व अध्यक्ष अब्दुल कादिर अंसारी ने अपने खिताब मे कहा कि कौम के लोगों को भटकने से बचाने के लिए दीनी तालीम की व्यवस्था की गई है। जातिगत भेदभाव से परे सभी को नि:शुल्क शिक्षा दी जा रही है। संरक्षक और अध्यक्ष के हांथों डेढ़ दर्जन मेधावी छात्राओं को सनद और शाल देकर सम्मानित किया गया।
मौ.अब्दुस्समद जेयाई ने अतिथियों का स्वागत किया।