सीतामढ़ी। कोइरौना पुलिस की कार्यशैली से क्षुब्ध होकर बुधवार को राष्ट्रीय ब्राह्मण युवजन सभा एवं युवाशक्ति के कार्यकर्ताओं-पदाधिकारियों ने थाना परिसर में प्रदर्शन किया। लगभग तीन घंटे तक नारेबाजी कर प्रदर्शनकारियों ने एसओ और चौकी इंचार्ज के निलंबन की मांग की। वे पुलिस अधीक्षक को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। इस बीच बड़ी संख्या में फोर्स भी जमा हो गई। प्रबुद्घ वर्ग के लोगों के हस्तक्षेप पर थानाध्यक्ष ने माफी मांगकर मामला रफा-दफा कराया।
लोगों ने कहा कि थानाध्यक्ष कोइरौना धर्मेंद्र यादव और चौकी प्रभारी सुरेश भारती एक खास जाति के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करते रहते हैं। कहा कि मंगलवार को संगठन के जिलाध्यक्ष अंबरीष तिवारी के साथ नेवाजीपुर मोड़ पर किसी बात को लेकर गाली देते हुए हाथ-पैर तोड़ देने की धमकी दी गई। दो माह पूर्व युवा जनशक्ति के अध्यक्ष पवन पंडित के साथ भी दुर्व्यवहार कर चालान कर किया गया था। लोगों के काफी समझाने के बावजूद प्रदर्शनकारी थानाध्यक्ष और चौकी प्रभारी के निलंबन की मांग करते हुए पुलिस कप्तान को बुलाने की मांग पर अड़ गए और थाना परिसर में ही धरने पर बैठ गए। लगभग तीन घंटे धरना-प्रदर्शन समाप्त हुआ। थानाध्यक्ष धर्मेंद्र यादव ने कहा कि कि आरोप बेबुनियाद है। किसी के भी साथ दुर्व्यवहार नहीं किया गया। धरना-प्रदर्शन करने वालों में राजेश तिवारी, विष्णुकांत, पप्पू पांडेय, कमल तिवारी, अखिलेश दूबे, विकास तिवारी, सूरज मिश्र, भरत मिश्र, रत्नेश तिवारी, योगेश मिश्र, विजय तिवारी, आदर्श, मनोज दूबे, सुंदरम सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे।