ज्ञानपुर। जिले में धान की रिकार्ड खरीद के बाद अब भंडारण पर संकट बढ़ गया है। गोदामों में जगह न होने से ट्रकों को कई-कई दिनों तक वाहनों को बाहर ही खड़े करना पड़ रहा है। 87 हजार 900 के सापेक्ष अब तक एक लाख 10 हजार मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है, जबकि भंडारण के लिए मात्र 18 हजार एमटी की व्यवस्था है। ऐसे में विभाग संग वाहन मालिकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रबी और खरीफ सीजन में सरकार किसानों से गेहूं और धान की खरीद करती है। एक नवंबर से 28 फरवरी तक होने वाली धान खरीद के लिए जिले में शुरुआती दौर में 11 केंद्र बने। जिसे बाद में 26 तक पहुंचाया गया। नवंबर से शुरू हुई खरीद ने जनवरी से रफ्तार पकड़ी। धान की बेहतर पैदावार और जनपदों से खरीद की अच्छी रिपोर्ट के मद्देनजर शासन ने जिले का लक्ष्य अधिक कर दिया। 35 हजार के सापेक्ष दूसरे लक्ष्य में 87 हजार 900 एमटी किया गया। 17 फरवरी तक जिले के सभी केंद्रों पर एक लाख 10 हजार एमटी की खरीद हो चुकी है। खरीद का सीजन खत्म होने में भले ही अभी 10 दिन बाकी है, लेकिन केंद्रों पर अब गिने-चुने किसान ही पहुंच रहे हैं। विभागीय आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो सबसे अधिक खरीद विपणन केंद्रों से हुई। जहां 52 हजार एमटी धान की खरीद की गई। गोदामों की संख्या कम होने से धान खरीदने के बाद उसके भंडारण की दिक्कत हो रही है। सबसे अधिक दिक्कत अनाज वितरण के समय आती है। उस दौरान चावल और गेहूं की निकासी होने से खरीद कर आए धान लदे ट्रैक्टर और ट्रक कई-कई दिनों तक गोदामों के बाहर ही खड़े रहते हैं। जिला खाद्य विपणन अधिकारी श्याम कुमार मिश्र ने कहा कि सभी केंद्रों पर धान की खरीद बेहतर ढंग से हो रही है। उन्होंने बताया कि लक्ष्य से करीब 120.7 फीसदी अधिक धान की खरीद हो चुकी है। इससे 11 हजार 887 किसान लाभान्वित हुए। भदोही के हरियांव और औराई के गोदाम पर थोड़ी दिक्कत हो रही है, जिसे बेहतर किया जा रहा है।
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किसानों को 40 लाख का भुगतान बाकी
ज्ञानपुर। धान खरीद में पीसीएफ के केंद्रों से लेनदेन प्रभावित हो रहा है। किसानों का 40 लाख का भुगतान अब तक नहीं हो सका। जिससे किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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गेहूं खरीद की आई गाइड लाइन
ज्ञानपुर। धान खरीद का सीजन समाप्त होने से पूर्व गेहूं खरीद की गाइड लाइन भी शासन से आ गई। जिला विपणन अधिकारी श्याम कुमार मिश्र ने बताया कि एक अप्रैल से धान की खरीद शुरू होगी। इसके लिए अपर जिलाधिकारी राम सिंह वर्मा को गेहूं खरीद अधिकारी बनाया गया है।