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अधिवक्ताओं ने किया चक्काजाम, लेखपाल नपे

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ज्ञानपुर। अधिवक्ता के साथ मारपीट के मामले को लेकर नाराज अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को ज्ञानपुर-भदोही मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। इससे करीब एक घंटे तक मार्ग पर आवागमन बाधित रहा। प्रशासनिक अफसरों के समझाने के बाद जाम समाप्त हुआ। वहीं शाम को एसडीएम अमृता सिंह ने आरोपी दोनों लेखपालों को निलंबित कर दिया।
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डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के बैनर तले शुक्रवार को लाइब्रेरी हॉल में अधिवक्ताओं की बैठक हुई। इस दौरान प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाया गया। बैठक के बाद नाराज अधिवक्ताओं ने कचहरी परिसर से नारेबाजी करते हुए दुर्गागंज तिराहे पर पहुंचे और उसके बाद दीवानी न्यायालय गेट के सामने जाम लगा दिया। इससे भदोही-ज्ञानपुर मार्ग पर वाहनों का आवागमन बाधित हो गया। इससे करीब एक घंटे तक वाहनों की आवाजाही थमी रही। इससे दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। खबर मिलते ही कोतवाली प्रभारी ज्ञानपुर मयफोर्स मौके पर पहुंचे। अधिवक्ताओं को समझा-बुझाकर शांत कराया। इस मौके पर डिबाए अध्यक्ष अश्वनी कुमार मिश्रा, तेज बहादुर यादव, विमलेश कुमार यादव, स्वामीनाथ मिश्र, महजर शकील, शरतचंद्र श्रीवास्तव, विनीत कुमार श्रीवास्तव, सूर्यदत्त पांडेय, संजीव कुमार दूबे, गोपीचंद्र तिवारी, सुधाकर पांडेय, मोहन लाल मिश्र समेत कई अधिवक्ता मौजूद रहे। वहीं दूसरी ओर शाम को करीब सात बजे डीएम के निर्देश पर एसडीएम अमृता सिंह ने ज्ञानपुर तहसील के आरोपी लेखपाल रणजीत सिंह यादव और रंजीत कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। एसडीएम ने कहा कि मामले की जांच चलने तक दोनों लेखपाल निलंबित रहेंगे। जांच में सही मिलने पर कार्रवाई खत्म कर दी जाएगी। बताते चलें कि चार दिन पूर्व ज्ञानपुर तहसील में अधिवक्ता जयकांत तिवारी और दोनों लेखपालों के बीच किसी बात को लेकर मारपीट हो गई थी। इसमें दोनों पक्षों की ओर से कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
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