ज्ञानपुर। जेठ की तपिश चरम पर है। दिन में चिलचिलाती धूप और रात में जबर्दस्त उमस से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। आलम यह है कि न तो दिन में चैन मिल रहा है न ही रात सुकून से गुजर रही है। यही वजह है कि बड़ी संख्या में लोग गर्मी के चलते बीमार होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। प्रचंड गर्मी में राहत पाने के लिए लोग तमाम जतन कर रहे हैं।
बृहस्पतिवार की रात में तेज आंधी के चलते सुबह मौसम में थोड़ी नरमी थी, लेकिन सात बजते-बजते हालात खराब हो गए। साफ आसमान से भगवान भाष्कर का तेज आग की मानिंद बरसने लगा। आलम यह रहा कि सुबह ही लोगबाग घर से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। 36 डिग्री सेल्शियस से दिन की शुरुआत हुई और 11 बजे तक पारा 41 डिग्री पर पहुंच गया। इसके बाद गर्म हवा के झोंकों के साथ आसमान में दिखने वाले छिटपुट बादलों के बीच दोपहर एक बजे तक अधिकतम तापमान 43 डिग्री पर पहुंच गया। इससे सामान्य जनजीवन उबल गया। इसके बाद धूप की तल्खी थोड़ी कम हुई, लेकिन उमस ने जीना मुहाल कर दिया। पसीने से थका-थक लोगों को पूरे दिन राहत नहीं मिली। रात में भी कूलर और पंखे की हवा बेअसर होने के कारण शरीर का पसीना नहीं सूख पाया। लिहाजा तमाम लोगों की नींद भी पूरी नहीं हो पाई। इससे लोग कुदरत के कोप पर मायूस नजर आए। शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान 43 डिग्री और न्यूनतम 29 डिग्री दर्ज किया गया। इस दौरान लू के थपेड़े भी चलते रहे, जो उमस का कारण बने रहे और लोग चहारदीवारी के अंदर भी चैन से नहीं रह सके। सुबह चेहरे पर नींद पूरी न हो पाने की थकान साफ दिख रही थी। गर्मी और उमस से बचने के लिए लोग तमाम जतन करते दिखे। कोई ठंडे पानी से सिर धोकर थकान मिटाता दिखा तो कोई शीतल पेय पदार्थ को एक झटके में हलक से नीचे उतारता दिखा। बच्चे गर्मी से निपटने के लिए तालाब और नदियों में घंटों अठखेलियां करते रहे।
-