ज्ञानपुर (भदोही)। योगी सरकार ने प्रदेश के बजट में भदोही जिले के कंबल कारखाने के लिए 34.55 लाख के बजट की व्यवस्था कर जिले के उद्योग जगत की उम्मीदों को नई परवाज दे दी है। इसके साथ ही 2010 से बंद होकर अंतिम सांसें गिन रहे गोपीगंज के कंबल कारखाने के लूम की खटर-पटर की आवाज फिर जीवंत हो उठने की उम्मीद जग गई है।
विधानसभा में मंगलवार को पेश बजट में पूर्वांचल को मिले विशेष पैकेज का लाभ कालीन नगरी को भी मिला है। बजट में बंद पड़े गोपीगंज के कंबल कारखाने को दोबारा गति देने के लिए 34.55 लाख रुपये मिले हैं। इससे छह वर्ष से उपेक्षित पड़े कारखाने की तस्वीर बदलेगी। जानकारों का मानना है कि पैकेज से कंबल कारखाना फिर गति पकड़ेगा। कारखाना पूरी क्षमता के साथ चला तो जिले के पांच सौ से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। मार्च 2010 से बंद चल रहे कारखाने को पिछले माह विभागीय मंत्री के निरीक्षण के बाद चालू किया गया था, लेकिन गिनती की मशीनें ही चल रही थीं। कंबल कारखाने को दोबारा चालू करने के लिए शासन से पांच लाख रुपये का बजट पिछले माह जून में मिला था। इससे कारखाने को दुरुस्त कर कंबल बुनाई लूम चालू कर दिया गया। कारखाना बंद होने से पूर्व चार लूम चलते थे। वर्तमान में कुल आठ लूम मौजूद हैं, मगर चालू हालत में तीन-चार ही हैं। जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी जवाहर लाल ने बताया कि अभी बजट कितना मिला है, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। पिछले माह पांच लाख का बजट मिला था। प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। बजट के पैकेज की धनराशि मिलने पर पांच सौ से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। कारखाने में मौजूद आठों लूम पूरी क्षमता से चलाए जाएंगे। इससे हर माह तीन हजार और एक साल में 36 हजार कंबलों का उत्पादन होगा। बताया कि बजट मिलने पर कार्ययोजना बनाई जाएगी। संसाधन के साथ-साथ संबंधित क्षमताओं का विकास किया जाएगा। बजट मिलने से कंबल कारखाने को गति मिल जाएगी।