ज्ञानपुर। जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार वितरण में मनमानी की जा रही है। महिला धात्री और बच्चों के बजाए पोषाहार बाजारों में खुलेआम बेचा जा रहा है। जानते हुए भी विभागीय अफसर अनजान बने हैं। रामकापुर निवासी रजनीश पांडेय ने डीएम को पत्रक देकर केंद्रों की जांच कराने की मांग की है।
बच्चों और धात्रियों के स्वास्थ्य को बेहतर करने के लिए बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पोषाहार का वितरण किया जाता है। कुपोषण जैसी खतनाक बीमारी से बचने के लिए पोषाहार का वितरण किया जाता है। इस दौरान गर्भवती महिलाओं और पांच वर्ष तक के बच्चों को हर महीने पोषाहर देने का प्रावधान है, लेकिन केंद्रों पर तैनात आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं की ओर से ध्यान नहीं दिया जाता। केंद्रों पर किसी महीने में पोषाहार वितरित होता है तो किसी महीने में पोषाहर की कमी है बताकर लोगों को वापस कर दिया जाता है। यह हाल सुंदरपुर, कसीदहां, गोपीगंज, कारीगांव, बैरीपरवां, शुकुलपुर (चकबीरा), त्रिलोकपुर आदि समेत तमाम केंद्रों का ै। शुकुलपुर के विमल शुक्ल, अवकेश, अभिषेक तिवारी, वीरेंद्र मिश्र, उदयराज पाल ने जांच कर कार्रवाई की मांग की है।