ज्ञानपुर। मुख्यमंत्री के संदर्भित आईजीआरएस पोर्टल में राजस्व विभाग के अफसर किस तरीके से मनमानी करते हैं, इसकी एक बानगी औराई के बीसापुर गांव में देखने को मिली। यहां पर जमीन के सीमांकन से लेकर अन्य गतिविधियों में प्रधान के फर्जी दस्तखत का प्रयोग किया गया। मामला सामने आने पर प्रधान ने प्रमुख सचिव, डीएम समेत अन्य आला अधिकारियों को प्रार्थना पत्र भेजकर जांच कराने की मांग की।
औराई के बीसापुर गांव निवासी विजय बहादुर ने पूर्व में गांव के स्कूल, तालाब और सरकारी जमीनों पर हो रहे कब्जे की शिकायत आईजीआरएस पर की थी। प्रकरण में राजस्व विभाग की ओर से संदर्भ संख्या 400119818014552 समेत तीन का निस्तारण गलत तरीके से कर दिया गया। इस प्रकरण के निस्तारण में प्रधान उमाशंकर पटेल संग आरोपी लोगों को भी गवाह बनाया गया। मामला सामने आने पर प्रधान ने पत्र भेजकर दस्तखत को फर्जी बताया। कहा कि राजस्व विभाग गलत तरीके से उनके दस्तखत बनाकर मामले को निस्तारित दिखाया है, जबकि ऐसा नहीं हुआ है। प्रधान ने हलफनामा देकर प्रकरण की जांच कराने की मांग की।