ज्ञानपुर (भदोही)।
प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी किसान ऋण मोचन योजना के तीसरे चरण योजना में कर्जमाफी का लाभ देने के लिए 14 हजार किसानों से लाभार्थियों की छंटनी की जा रही है। कृषि विभाग एवं प्रशासनिक अफसरों की टीम 12 अक्टूबर को लाभार्थी किसानों को लॉक करेगा। दो चरणों में अब तक जहां आठ हजार किसान लाभान्वित हुए हैं, वहीं 11 हजार वंचित रह गए।
2017 के विधानसभा चुनाव में किसानों का कर्जमाफ करने की घोषणा भाजपा ने किया था। सूबे में सरकार बनने के बाद जिले में 22 हजार किसानों को लाभ देने के लिए चिह्नित किया गया था। पहले चरण में 10 हजार किसानों में साढ़े तीन हजार तो दूसरे चरण में 12 हजार किसानों में साढ़े चार हजार को कर्जमाफी का लाभ दिया गया। दो चरणों में आठ हजार किसानों को लाभ देने के बाद अब तीसरे चरण के किसानों को ऋणमाफी का लाभ देने की कवायद में प्रशासनिक अफसर जुट गए हैं। मुख्य विकास अधिकारी हरिशंकर सिंह ने बताया कि तीसरे चरण के लिए 14 हजार 259 किसानों में पात्रों के चयन की प्रक्रिया चल रही है। मृतक, तकनीकी खामियों समेत अन्य दिक्कतों से लाभ से वंचित लोगों को तीसरे चरण में शामिल किया जाएगा।
लेखपालों और बैंककर्मियों ने किया बंटाधार
ज्ञानपुर। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी ऋणमोचन योजना के तहत किसानों की कर्जमाफी में लेखपाल और बैंक कर्मियों की मनमानी से बड़ी संख्या में किसान लाभ से वंचित रहे गए। औराई के झौवां निवासी रमाशंकर पांडेय, सुभाषचंद्र पांडेय, लालती, हीरावती, अशोकचंद्र पांडेय ने कहा कि उन्हें ऋणमाफी के पहले बैंक बुलाया गया। एक कागजात पर दस्तखत कराया गया और कहा गया कि आप लोगों को लाभ मिलेगा लेकिन दो चरणों में उन्हें लाभ नहीं मिला। इसी तरह, सरई मिश्रानी गांव में 80 किसानों में मात्र छह किसान ही योजना का लाभ प्राप्त कर सकें। जिले के यह दो गांव में ऐसी दिक्कत नहीं है। सभी गांवों में ऐसी परेशानी किसानों के सामने आई है। लेखपालों की गलत रिपोर्ट के चलते वह लाभ से वंचित रह गए। सीडीओ हरिशंकर सिंह ने कहा कि मानक में न आने वाले लोगों को लाभ नहीं मिला। अगर शिकायत मिलेगी तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।