ज्ञानपुर। भीषण गर्मी से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। पिछले 24 घंटे में 17 से अधिक लोगों की मौत हो गई। लोग मौत की वजह लू लगना बता रहे हैं जबकि स्वास्थ्य विभाग इसकी वजह हीटवेव नहीं मान रहा है। उसका कहना है कि सबकी मौत हृदय गति रुकने से हुई है।
अधिकतम तापमान 29 मई को 47.5 डिग्री तक पहुंच गया था। 30 मई को भी 46.2 डिग्री तापमान रहा। घर के भीतर भी तपिश महसूस हो रही है और उमस भी है। ऐसे में डीहाईड्रेशन का खतरा पैदा हो गया है। दिन में धूप में निकलना दुष्कर है। विशेषज्ञ चिकित्सक का कहना है कि गंभीर बीमारी से ग्रसित लोगों के लिए गर्मी जानलेवा साबित हो सकती है। पिछले 24 घंटे में घाटों पर 79 शवों का अंतिम संस्कार किया गया है। इसमें से 20 की मौत हीटवेव से बताई जा रही है। बृहस्पतिवार सुबह से शुक्रवार सुबह तक 18 शवों का पोस्टमार्टम किया गया। इसमें एक युवक की फंदे से लटकने से मौत हुई थी जबकि 17 लोगों की मौत घर में बैठे-बैठे या यात्रा करते समय हुई। इनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हीटवेव नहीं दिखाया गया। उनकी मौत की वजह हृदय गति रुकना बताया जा रहा है।
महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. प्रदीप यादव ने बताया कि बुजुर्गों के साथ ही मधुमेह, रक्तचाप या अन्य गंभीर बीमारी से ग्रसित लोगों के लिए यह गर्मी घातक है। उन्हें बचकर रहना चाहिए। लू या गर्मी के कारण बीपी आदि बढ़ने से हृदयघात या ब्रेन हैमरेज हो सकता है।
रामपुर गंगा घाट पर शव जलाने वाले रंगीले ने बताया कि पहले रोजाना 10 से 12 शव आते थे। पिछले तीन दिनों में घाट पर दो गुना से ज्यादा शव आ रहे हैं। बुधवार को 35, बृहस्पतिवार को 47 और शुक्रवार को 32 शव जलने के लिए लाए गए। ऐसी स्थिति 2021 में कोविड महामारी के समय पैदा हुई थी। जहांगीराबाद के श्रीचंद्र यादव ने बताया कि पहले तीन से पांच जबकि वर्तमान में 15 से 20 शव रोज जलाए जा रहे हैं। बिहरोजपुर, सीतामढ़ी, बेरासपुर गंगा घाट पर भी तीन दिनों से प्रतिदिन 10 से 15 शव जलने के लिए आ रहे हैं। बीते 24 घंटे में सभी घाटों पर करीब 90 से अधिक लाशें जलाई गईं।
तीन दिन में पांच की मौत, सहमे ग्रामीण
चौरी। जगदीशपुर गांव में तीन दिन में अचानक तबियत बिगड़ने से पति- पत्नी समेत पांच लोगों की मौत हो गई। रविवार को 72 साल के गुलाब अली की तबियत बिगड़ी। अस्पताल जाने पर चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। बुधवार की दोपहर 85 साल की भूखला देवी, गुरुवार को 70 साल की कुमारी देवी की जान चली गई। दोनों दोपहर में अचानक गिरीं और प्राण पखेरू उड़ गए। कुमारी देवी के पति सागर दूबे की भी कुछ घंटो में मौत हो गई। शुक्रवार को विजया लक्ष्मी 75 की भी अचानक तबियत बिगड़ने से मौत हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि तापमान अधिक होने से लोगों की जान जा रही है।