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शिवसेना समेत 20 प्रत्याशियों का पर्चा खारिज

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ज्ञानपुर। लोकसभा चुनाव के लिए दाखिल नामांकन पत्रों की जांच में शिवसेना समेत 20 उम्मीदवारों का नामांकन निरस्त हो गया। जबकि प्रमुख दलों समेत 12 प्रत्याशियों के पर्चे वैध पाए गए। नामांकन प्रपत्रों में खामियां मिलने पर 20 प्रत्याशियों का पर्चा खारिज किया गया। 26 अप्रैल को नाम वापसी के साथ ही उम्मीदवारों की तस्वीर साफ हो जाएगी। नामांकन पत्रों की जांच को लेकर कलेक्ट्रेट के नामांकन कक्ष में गहमागहमी का माहौल रहा।
छठे चरण में भदोही संसदीय सीट के चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया 16 अप्रैल से शुरू हुई थी। इस दौरान 32 दावेदारों ने नामांकन पत्र दाखिल किए थे। कलेक्ट्रेट में बुधवार को जिला निर्वाचन अधिकारी राजेंद्र प्रसाद संग रिटर्निंग अफसरों ने नामांकन पत्रों की जांच की। जांच के दौरान 12 प्रत्याशियों के प्रपत्र ही दुरुस्त पाए गए। इसके अलावा 12 प्रत्याशियों के पर्चे सही तरीके से न भरे होने, छह के प्रस्तावकों के अभाव में और दो प्रत्याशियों को पिछले चुनाव का खर्च का ब्योरा जमा नहीं देने पर अयोग्य घोषित कर दिया गया।
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प्रपत्रों की जांच के बाद शिवसेना प्रत्याशी प्रमोद कुमार दूबे समेत कुल 20 नामांकन पत्र खारिज हो गए। इससे अब 12 उम्मीदवार ही चुनाव मैदान में बचे हैं। 26 अप्रैल को नाम वापसी के बाद प्रतीक का आवंटन होगा। जिला निर्वाचन अधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि आयोग का मानक पूरा न करने पर 20 प्रत्याशियों का पर्चा खारिज किया गया।

इन प्रत्याशियों के पर्चे जांच में मिले वैध
ज्ञानपुर। नामांकन पत्रों की जांच में बसपा-सपा गठबंधन प्रत्याशी रंगनाथ मिश्र, भाजपा के रमेश बिंद, कांग्रेस के रमाकांत यादव, एनसीपी के अखिलेश, पीपुल्स पार्टी आफ इंडिया के डॉ. राजेश कुमार वर्मा, निर्दलीय कुलदीप, पूर्वांचल क्रांति दल के रामसखा त्रिपाठी, हिंदुस्तान निर्माण दल के विनोद, निर्दल सुशील, निर्दल संतलाल, जनहित किसान पार्टी के सैय्यद मोहम्मद आरिफ और भारत माता सपूत पार्टी के सतीश बेलदार का नाम शामिल है।
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अब एक ही ईवीएम लगेगी
ज्ञानपुर। 20 प्रत्याशियों के पर्चे खारिज होने से प्रशासन को अब अतिरिक्त ईवीएम की व्यवस्था नहीं करनी पड़ेगी। मतदान के लिए एक ही ईवीएम लगाई जाएगी। दरअसल, एक ईवीएम में 16 प्रत्याशियों के नाम दर्ज किए जा सकते हैं। इसमें 15 प्रत्याशियों के नाम और एक नोटा का विकल्प शामिल रहता है। इसलिए 16 से अधिक प्रत्याशी होने पर दूसरी ईवीएम लगानी पड़ती है। यहां 32 नामांकन हुए थे। इनमें से 20 नामांकन खारिज कर दिए गए। अब 12 प्रत्याशी बचे हैं। नाम वापसी के बाद प्रत्याशियों की संख्या कुछ और भी कम हो सकती है। इससे प्रशासन को राहत मिली है।
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