ज्ञानपुर। गत शुक्रवार को हुई बैंक अधिकारियों की हड़ताल ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। उसके बाद लगातार तीन दिनों की बंदी और फिर एक दिन के कामकाज के बाद क्रिसमस का अवकाश। फिर बैंक कर्मचारियों की हड़ताल। कुल मिलाकर पूरा एक सप्ताह बैंक हड़ताल की भेंट चढ़ गया। इससे जहां करोड़ों के कारोबार पर असर पड़ा, वहीं लोगों को भारी परेशानी हुई।
ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फीडरेशन के आह्वान पर शुक्रवार 21 दिसंबर को एक दिनी हड़ताल की गई थी। लेकिन, इसका असर अगले कई दिनों तक पड़ा। अगले दिन शनिवार और फिर रविवार का अवकाश पड़ गया। सोमवार यानी कि 24 दिसंबर को एक दिन के लिए बैंक खुले जरूर, लेकिन भीड़ के दबाव के चलते ज्यादा काम नहीं हो सका, तब तक 25 को क्रिसमस डे का अवकाश हो गया। इसके बाद 26 दिसंबर को बैंक कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। इसके चलते बैंकों में कामकाज फिर ठप हो गया। बैंकों की हड़ताल के चलते लगभग पूरा सप्ताह बिना कामकाज के ही निकल गया। इससे लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। लेनदेन न होने से लोग परेशान रहे। वेदपुर के मनीष कुमार ने कहा कि उन्हें लेनदेन का जरूरी काम करना था, लेकिन हड़ताल के चलते परेशानी हुई। गिरधरपुर के राजेश यादव ने कहा कि कई एक अन्य एकाउंड में पैसा ट्रांसफर करना था, लेकिन नहीं कर पाया। कांवल के राम लोलारख ने कहा कि बैंक हड़ताल के दौरान नेट बैंकिंग भी सुचारु रूप से नहीं हो पा रहा था। माना जा रहा है कि हड़ताल और कई दिनों की बंदी के बाद बृहस्पतिवार को बैंक खुलेंगे तो भीड़ का दबाव और बढ़ेगा।