ज्ञानपुर। प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन अभियान के तहत जिले में करीब एक लाख 73 हजार शौचालय निर्माण पर 200 करोड़ से अधिक खर्च होने के बाद भी लोग खुले में शौच जाने के लिए मजबूर हैं। कारण शौचालयों में किसी की छत नहीं बनी तो किसी में दरवाजा लगाने का काम पूरा नहीं किया गया। जबकि गांधी जयंती के अवसर पर जिले को खुले में शौच से मुक्त कर दिया गया है।
स्वच्छता मिशन के तहत वर्ष 2012-13 में सरकार की ओर से बेसलाइन सर्वे कराया गया था। सर्वे रिपोर्ट में 1995 से आच्छादित 66 हजार परिवारों को छोड़कर करीब एक लाख 73 हजार परिवारों को शामिल किया गया था। इसी आंकड़े के आधार पर शौचालयों का आवंटन किया गया। इसके लिए शासन से दो सौ करोड़ रुपये खर्च किए गए। बेसलाइन सर्वे के अनुसार जनपद के सभी गांव खुले में शौच मुक्त हो चुके हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है। जिला पंचायत राज विभाग के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो दो लाख 39 हजार शौचालयों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। ज्ञानपुर ब्लॉक के ओडीएफ गांव सरई राजपुुतानी में शौचालयों की स्थिति ठीक नहीं मिली। गांव में वैसे तो 300 से अधिक शौचालय आवंटित हुए हैं, जिनमें 200 से अधिक शौचालय बन भी गए हैं, लेकिन उनमें बड़ी संख्या में शौचालय अब भी अपूर्ण हैं। दलित बस्ती में तूफानी गौतम, डंगरा देवी समेत अन्य लाभार्थियों के शौचालय भी अपूर्ण हैं। बासदेवपुर गांव में लाभार्थी धरमदेव, राजेश दूबे, सत्यदेव उपाध्याय, गिरजा देवी के शौचालय आठ माह पूर्व बनकर तैयार हैं, लेकिन छत अब तक नहीं पड़ सकी है।
गैर पंजीकृत संस्थाओं से की गई खरीद
ज्ञानपुर। शौचालय निर्माण में व्यापक स्तर पर धांधली की गई है। कहीं पर दीवारें खड़ी कर छोड़ दिया गया है तो कहीं पर गड्ढा खोदकर। ग्राम प्रधानों की ओर से मनमानी तरीके से गैर पंजीकृत संस्थाओं से सामग्री की खरीद की गई है। अधिकारी भी जानते हुए अंजान बने हुए हैं। हकीकत की पड़ताल की जाए तो कई प्रधानों और सचिव सहित अधिकारी नप जाएंगे। अभोली के सेमरा समेत कई गावों में इसका खुलासा भी हो चुका है। प्रधान अपने करीबी या परिवार के लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए दुकान भी खुलवा दिया।
ब्लॉक -ग्राम पंचायतें -शौचालय
अभोली -56 -20153
औराई -125 -57362
भदोही -123 -49039
डीघ -98- 46386
ज्ञानपुर - 92 -34082
सुरियावां- 67 -32020