नगर स्थित महाराजा बलवंत सिंह राजकीय अस्पताल में मरीजों के लिए सुविधाएं बहाल करने को लेकर सोमवार को कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने चिकित्सा अधीक्षक डा. जयनरेश से मिलकर सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से सीएमएस को चेतावनी दी कि यदि व्यवस्था नहीं बदली तो कांग्रेस जन धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।
प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर के निर्देश पर दोपहर जिलाध्यक्ष डा. नीलम मिश्रा के नेतृत्व में एक दर्जन लोग राजकीय अस्पताल पहुंचे। इस दौरान, नेताओं ने पहले मरीजों से मुलाकात की और उनसे व्यवस्था की जानकारी ली। जिलाध्यक्ष ने बताया कि मरीजों ने बताया कि उन्हें दवाएं बाहर से लिखी जाती हैं। इसके अलावा, जेनरिक दवाएं लिखने के बजाए महंगी दवाएं लिखने से गरीबों की जेब ढीली हो रही है। बहुत से मरीज तो अपना इलाज तक नहीं करा पाते। इसके बाद, प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने सीएमएस से मिलकर उन्हें अपना मांगपत्र सौंपा। जिलाध्यक्ष ने कहा कि अस्पताल में सुविधाएं नहीं है। इससे गरीब इलाज के लिए कहा जाएं? सरकार मरीजों को राहत की बात करती है, जो कागजी रह जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि सभी चिकित्सक निजी प्रैक्टिस में लिप्त हैं। ऐसे चिकित्सकों के खिलाफ रिपोर्ट शासन को भेजें ताकि कार्रवाई हो। मांगपत्र में अल्ट्रासाउंड मशीन ठीक कराने, रेडियोलाजिस्ट की नियुक्ति करने, इमरजेंसी सुविधा 24 घंटे करने तथा हृदयाघात व एक्सिडेंट पर तत्काल उपचार की व्यवस्था कराए जाने की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल में पीसीसी मुशीर इकबाल, मसूद आलम, संजीव दूबे, सनाउल्लाह शाह, अनिल मिश्रा, डा. रामधनी यादव, शेख असलम, राजेश यादव, विशाल कुमार आदि रहे।