भदोही। मुबारकपुर जामिया अशरफिया के मुफ्ती सदरुल वरा मिस्बाही ने कहा कि मुसलमान अपने अमल पर गौर करें। अल्लाह के क्या हुक्म हैं उन्हें अपनाएं।
जो लोग शिक्षित होकर समाज में जा रहे हैं उनकी जिम्मेदारी है कि समाज को सही दिशा दें। मुफ्ती मिस्बाही बीती रात मर्यादपट्टी के मदरसा शमसिया तेगिया में दस्तारेफरागत कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
कोलकाता से आए मुफ्ती सैफुल्लाह आलमी ने कहा कि दीन की रोशनी को औरों तक पहुंचाना इस्लाम में सबसे बड़ा काम है। यह शिक्षित लोगों की जिम्मेदारी भी है। इसलिए दीन के साथ-साथ शिक्षा को आगे बढ़ाएं।
मदरसे के प्रिंसिपल मौलाना फैसल अशरफी ने बताया कि आज मदरसे के 16 छात्रों को हिफ्ज, चार छात्रों को आलिम और 9 को कारी की उपाधि दी गई। इसके लिए उन्हें सनद के साथ साथ ईमामा शरीफ बांध कर सम्मानित किया गया।
ये छात्र उप्र, बिहार और झारखंड के हैं। दर्शक दीर्घा में बैठे लोगों ने तालियों की गूंज के साथ सभी 29 छात्रों का स्वागत किया। प्रंबधक डॉ. अजहर आसिफ अंसारी की ओर से विभिन्न कक्षाओं में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान ग्रहण करने वाले बच्चों को नगद पुरस्कार दिया गया।
अध्यक्षता मौलाना मोईनउद्दीन ने और संचालन मौलाना किस्मत सिकंदरपुरी ने की। मौलाना रफीक आलम बहराइची ने भी संबोधित किया। इस मौके पर नुरूस्सलाम खां, जाकिर बाबू अंसारी, जमीन अंसारी, मौ.कुतुबउद्दीन, हाफिज तबरेज अंसारी, मौलाना इफरात हुसैन, नुरैन खां, खीर्शीद खां आदि रहे। संवाद