ज्ञानपुर/लालानगर। कोरोना संक्रमण काल में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है। सोमवार को कोरोना पॉजिटिव आए स्वास्थ्यकर्मी को16 घंटे बाद मंडलीय आइसोलेशन वार्ड भेजा गया। इस दौरान गोपीगंज नगर में दहशत का माहौल रहा। सतर्कता के मद्देनजर ज्ञानपुर तहसीलदार देवेंद्र यादव ने ब्लॉक के आसपास के 250 मीटर का एरिया को सील कराया। संक्रमित कोरोना योद्धा की पत्नी और बच्चे को होम क्वारंटीन में रहने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा महबूबपुर, पूरेमटुका की बस्ती भी सील की गई।
कोविड-19 के कारण देश में दो माह से अधिक समय से लॉकडाउन है। प्रवासी मजदूरों के जिले में आने से कोरोना मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। सोमवार की रात में आई रिपोर्ट में जिले में चार कोरोना संक्रमित मिले। इसमें गोपीगंज सीएचसी में तैनात एक स्वास्थ्यकर्मी भी पॉजिटिव पाया गया। स्वास्थ्यकर्मी का नाम आने पर गोपीगंज नगर समेत आसपास के क्षेत्रों में दहशत व्याप्त हो गई। सोमवार की रात करीब नौ बजे रिपोर्ट आई, जबकि स्वास्थ्य कर्मी को मंगलवार को दोपहर 12 बजे मिर्जापुर के आइसोलेशन वार्ड भेजा गया।
सूत्रों की मानें तो स्वास्थ्यकर्मी ने 14 मई को औराई के एक गांव से आए संदिग्ध व्यक्ति को इंजेक्शन लगाया था, जिसे सर्दी, बुखार था। खुद का स्वास्थ्य बिगड़ा तो 17 मई को हॉस्पिटल के डॉक्टर ने उसे होम क्वारंटीन रहने की सलाह दी। तबीयत बिगड़ने पर स्वास्थ्य कर्मी ने 22 मई को अपने स्वैब की जांच कराई। 25 मई की रात में रिपोर्ट पॉजिटिव आई। सीएचसी के एक स्वास्थ्यकर्मी की मानें तो संक्रमित स्वास्थ्यकर्मी रोज हॉस्पिटल आता था और सोमवार को एक कर्मी से अपना ब्लड प्रेशर दिखवाया। संक्रमित स्वास्थ्यकर्मी नगर के ब्लॉक परिसर में अपने एक बेटे और पत्नी के साथ रहता है, जबकि दूसरा बेटा दिल्ली में है।
कोरोना संदिग्ध की मौत, एंबुलेंस से गया शव
पाली। सुरियावां थानाक्षेत्र के बलापुर गांव में मुंबई से आए एक कोरोना संदिग्ध की मंगलवार की सुबह मौत हो गई। घटना से गांव में कोहराम मच गया। उसके घर के आससपास कोई नहीं पहुंचा। दोपहर बाद पहुंचे स्वास्थ्य कर्मी एंबुलेंस से शव लेकर गए। गांव निवासी 44 वर्षीय व्यक्ति मुंबई में मजदूरी करता था। लॉकडाउन के कारण वह 12 मई को घर आया। स्वास्थ्य विभाग में जांच के बाद वह 14 मई को होम क्वारंटीन हो गया। सोमवार शाम को भोजन करने के बाद सो गया। मंगलवार की सुबह अचानक तबीयत खराब हुई। जब तक अस्पताल लेकर जाते उसकी मौत हो गई। कोरोना संदिग्ध होने के कारण गांव वालों ने मौके से दूरी बना ली। खबर मिलने पर पाली चौकी प्रभारी ज्ञान चंद्र पटेल मौके पर पहुंचकर परिवार वालों से बात की। कोरोना संदिग्ध किस-किस से मिलता था, इसकी जानकारी ली। सीएचसी अधीक्षक डॉ. आरबी पाठक ने बताया कि मंगलवार को उसका स्वैब जांच के लिए भेजा जाएगा।