ज्ञानपुर। जिले की 16 सहकारी समितियों का एक करोड़ पांच लाख रुपये की लागत से जीर्णोद्धार कराया जाएगा। सहकारिता विभाग ने प्रस्ताव बनाकर उच्चाधिकारियों के पास भेज दिया है। संस्तुति होने पर स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जाएगा। प्रत्येक समिति पर 6.50 लाख से सात लाख 30 हजार रुपये खर्च होंगे।
जिले में कुल 52 सहकारी समितियां हैं, जबकि कुछ नई समितियां भी खोली जा रही हैं। इन समितियों के माध्यम से किसानों को उर्वरक, बीज और ऋण आदि की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। धान और गेहूं खरीद के दौरान भी किसानों से उपज की खरीद इन्हीं केंद्रों पर की जाती है। केंद्र में सहकारिता मंत्रालय के गठन के बाद समितियों का नाम बदलकर बी-पैक्स कर दिया गया है। प्रत्येक समिति में 250 सदस्य भी बनाए गए हैं। जिले की अधिकांश समितियां करीब ढाई से तीन दशक पहले बनीं थीं। लंबे समय से रखरखाव न होने के कारण कई समतियों के भवन जर्जर हो गए हैं। इससे खाद-बीज भंडारण और वितरण में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। ग्रामीण क्षेत्रों की समितियों में केंद्र सरकार की योजना के तहत कंप्यूटरीकरण का कार्य भी शुरू किया गया है, लेकिन जर्जर भवनों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना चुनौती बना हुआ है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में सहकारिता विभाग ने 16 समितियों के जीर्णोद्धार का प्रस्ताव तैयार किया है। उच्चाधिकारियों की संस्तुति मिलने पर इसे शासन को भेजा जाएगा। बजट मिलने पर संबंधित समितियों पर काम शुरू होगा। बी-पैक्स पीपरगांव, खमरिया, जाठी, महराजगंज, उदयकरनपुर, अस्ती, जगदीशपुर, याकूबपुर, डुड़वा कुकरौठी, मऊरामशाला, कनकपुर, जगदीशपुर, महजूदा, छनौरा, पूरे मनोहर, नारेपार स्थित समितियों के जीर्णोद्धार का प्रस्ताव है। एआर सहकारिता राम प्रकाश का कहना है कि 16 समितियों के जीर्णोद्धार के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है। उच्चाधिकारियों की संस्तुति के बाद शासन को भेजा जाएगा। बजट मिलने पर काम कराया जाएगा।