ज्ञानपुर। तापमान का कहर बढ़ता ही जा रहा है। संक्रमित बीमारियां पांव पसार कर लोगों को जद में लेती जा रही हैं। मरीजों की संख्या दिनोंदिन बढ़ने से अब सरकारी अस्पतालों में जगह का अभाव पड़ जाने से चिकित्सकों की सांसें फूलने लगी हैं। वहीं निजी अस्पतालों में बेड देने के नाम पर हो रही अधिक वसूली हो रही है।
दिन में तेज धूप के साथ-साथ उमसभरी गर्मी से पूरा जनपद बेहाल होकर रह गया है। जनमानस तो दूर बेजुबानों की हालत खस्ता होकर सेहत बिगाड़ने में कोई कमी नहीं देखी जा रही है। राहगीर पल-पल गला तर करने के लिए दुकानों, ढाबों व शीतल पेय पदार्थों पर निर्भर होकर रह गए हैं। पशु-पक्षी सार्वजनिक तालाबों, जलाशयों आदि के सूख जाने से दर-दर भटक तो रहे हैं फिर भी उन्हें राहत मिलना असंभव हो चुका है। अस्पतालों में लोग बुखार, उल्टी, दस्त, डायरिया, काला जार, मस्तिष्क ज्वर जैसे घातक बीमारियों की चपेट में पहुंच दम तोड़ने को मजबूर हो उठे हैं।