ज्ञानपुर। जिले में पौधरोपण के जरिए पर्यावरण संरक्षण अभियान की हालत पतली है। कागजों पर बिखेरी गई हरियाली हमेशा की तरह फिर उजड़े चमन में तब्दील हो गई है। पिछले वर्ष जिले में लगाए गए सात लाख पौधों का कहीं अता-पता नहीं है। जो पौधे लगे भी थे, उनमें से बड़ी संख्या में पौधे सूख गए हैं। लिहाजा आने वाली जुलाई में 19.34 लाख पौधे लगाने की तैयारी है। विभागीय आंकड़ों में 20 फीसदी के आसपास पौधे सूख गए हैं। इस बरसात में बीटिंग-अप (उनके स्थान पर दूसरा पौधरोपण) की तैयारी है। हालांकि ऑफ दी रिकॉर्ड सूखने वाले पौधों की संख्या काफी ज्यादा है।
भदोही जिले में वन क्षेत्र शून्य हो गया है। वन विभाग की निगरानी में पिछले वर्ष जिले में सात लाख के आसपास पौधे लगाए गए थे, लेकिन, इनमें से बड़ी तादाद में पौधे सूख गए। जमीन के अभाव में पौधरोपण कर पाने में फिसड्डी वन विभाग लगाए गए पौधों की भी समुचित देखभाल नहीं की। लिहाजा ट्री गॉर्ड के अंदर लगाए गए पौधे भी सूख गए। यहां तक कि जिला मुख्यालय पर जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में लगे पौधों को भी नहीं बचाया जा सका। तमाम पौधे पशुओं का निवाला बन गए। बड़ी संख्या में पौधरोपण कागजों पर ही किया गया था, जो आज तक हरियाली नहीं बिखेर सका। आने वाली जुलाई में फिर जिले में 19 लाख 34 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए अलग-अलग विभागों को लक्ष्य दिए गए हैं। अकेले वन विभाग को ढाई लाख से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया है। ज्ञानपुर रेंजर एके पांडेय के मुताबिक वन विभाग ने 2.52 लाख गड्ढे खोदवा दिए हैं, जिनमें जुलाई में पौधे लगाए जाएंगे। साथ ही पिछली बार लगाए गए जो पौधे सूख गए हैं, उन्हें बीटिंग-अप किया जाएगा।