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विधायक के भतीजों और पुत्र और भतीजों पर केस

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ज्ञानपुर/सुरियावां। चौगुना गांव में विवादित जमीन पर मिट्टी खोदाई को लेकर हुए विवाद में भदोही के भाजपा विधायक रवींद्रनाथ त्रिपाठी के दो पुत्रों और भतीजों समेत 10 लोगों पर शुक्रवार को हत्या का प्रयास, लॉकेट-मोबाइल लूटपाट और मारपीट का मुकदमा दर्ज किया गया है।
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पुलिस के मुताबिक गांव की एक जमीन को लेकर दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश चल रही है। वह जमीन विवादित है। बताया जाता है कि शुक्रवार को उस जमीन पर मिट्टी की खोदाई की जा रही थी। विधायक के पड़ोसी कृष्णानंद तिवारी का आरोप है कि वह अपने घर वालों हिमाक्सी तिवारी, नीता तिवारी, अनिल तिवारी, आंचल तिवारी, अनुपम तिवारी, अरूप तिवारी, विकास आदि के साथ मौके पर पहुंचे और कहा कि इस जमीन का बंटवारा एसडीएम के यहां विचाराधीन है। अभी इस पर खोदाई नहीं होगी। तब तक गजेंद्र नाथ तिवारी पुत्र विक्रमादित्य तिवारी, सुभाष तिवारी पुत्र विक्रमादित्य तिवारी और सचिन पुत्र आदित्य नारायण तिवारी, अजय तिवारी पुत्र सुरेंद्र तिवारी, आशीष पुत्र देवीशंकर, नीतेश और दीपक पुत्रगण विधायक रवींद्रनाथ तिवारी, संदीप पुत्र आदित्य नारायण, पप्पू तिवारी आदि हम सभी लोगों को मारने पीटने लगे। बीचबचाव में हिमाक्सी और गीता ने जब रोकना चाहा तो उन्हें भी पीटा। इस दौरान घर की महिलाओं ने जब बीचबचाव की कोशिश की तो महिलाओं को भी गाली गलौज देते हुए मारा पीटा और उनके मंगलसूत्र छीन लिए। वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहीं हिमाक्सी और नीता का मोबाइल छीन लिया। दहशत फैलाने के लिए फायर किया गया। बीचबचाव करने पहुंचे पड़ोसी कमलाशंकर को भी मारा पीटा गया। जानकारी मिलने के बाद एसओ सुरियावां सुनील दत्त दुबे मौके पर पहुंचे। पुलिस ने इस मामले में गजेंद्रनाथ तिवारी, सुभाषचंद्र तिवारी, सचिन तिवारी, अजय उर्फ डब्बू, आशीष, नीतेश, दीपक, संदीप, पप्पू तिवारी और आदित्य नारायण तिवारी पर मुकदमा दर्ज किया है। इस संबंध में सुरियावां थानाध्यक्ष सुनील दत्त दुबे ने कहा कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया था, लेकिन छानबीन में मामला सामान्य मारपीट का निकला। इसलिए उसे मारपीट में तब्दील कर दिया गया। उधर भदोही विधायक रवींद्र नाथ त्रिपाठी ने इस प्रकरण से अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि मैं लखनऊ में हूं। कुछ लोग साजिश के तहत परेशान करने की नीयत से ऐसा करते रहते हैं। हमारी सरकार में हर तहरीर पर केस दर्ज किया जाता है। अब छानबीन कर सच्चाई का पता लगाना पुलिस का काम है।
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