ज्ञानपुर/गोपीगंज। माहे रमजान के आखिरी जुमे को जिले में अलविदा की नमाज अदा की गई। इस दौरान मस्जिदें नमाजियों की भीड़ से खचाखच हो गई। जगह की कमी पड़ने के कारण गोपीगंज में वाराणसी-प्रयागराज हाईवे पर नमाज अदा कराई गई। इसके चलते तकरीबन डेढ़ घंटे तक हाईवे पर यातायात ठप रहा।
शुक्रवार को विभिन्न मस्जिदों में अलविदा जुमे की नमाज अदा की गई। ज्ञानपुर में मस्जिद में बड़ी संख्या में मुस्लिम बंधुओं ने एकत्र होकर अमन की दुआ की। गोपीगंज नगर के राष्ट्रीय राजमार्ग सहित मुकद्दस माहे-रमजान के आखिरी जुमा अलविदा की नमाज नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में अकीदत और एहतराम के साथ अदा की गई। जामा मस्जिद में सर्वाधिक भीड़ होने के कारण एक बार फिर मस्जिद के साथ राजमार्ग पर नमाज अदा की गई। इसके चलते लगभग डेढ़ घंटे तक राजमार्ग पर आवागमन बंद रहा। जामा मस्जिद के साथ ही शाही मस्जिद, मदीना मस्जिद, मुजाहिद मस्जिद सहित अन्य मस्जिदों में भी नमाज अदा की गई।
जामा मस्जिद में पेश इमाम हाफिज अनीसुल कादरी, मदीना मस्जिद में हाफिज गुलाम मुर्तुजा, शाही मस्जिद मे मौलाना अवैश ने नमाज अदा कराई। नगर के साथ ग्रामीण क्षेत्र खानापुर में हाफीज फतेह मुहम्मद, चकसहाब मे हाफिज फजल, बरजी में मौलाना दिलावर की इमामत में नमाज अदा की गई। गहरपुर, मेवड़ापुर, अमवा, लालानगर आदि स्थानों पर पेश इमाम ने अलविदा की नमाज पढ़ाई। अलविदा के दिन सुबह से ही चहल पहल बढ़ गई थी। नमाज-ए-अजान सुन कर लोग जगह पाने के लिए समय से मस्जिद पहुंचने लगे थे। समय के साथ नमाजियों की संख्या भी बढ़ती गई। सूरज की तेज लपट और भीषण गर्मी और उमस के बावजूद नमाजियों का हौसला बुलंद रहा। भीड़ इस कदर रही की बड़ी संख्या में लोगों ने मस्जिद से बाहर राजमार्ग पर नमाज अदा की। जामा मस्जिद के पेश इमाम हाफिज अनीसुल कादरी ने बारगाहे परवरदिगार में देश में अमन के साथ आलम-ए-इस्लाम के लिए दुआएं खैर की। दोनों हाथों को फैला कर उन्होंने रब्बुल इज्जत से दुआ की कि तू ही कायनात को इज्जत देने वाला है। दुनिया में जो भी परेशान हैं, उनकी परेशानियों को दूर करके उन्हें सफा पहुंचा। ऐ रब्बुल-आलमीन, जो रोजी-रोटी रोजगार को लेकर परेशान हैं, उन्हें रिज्क अता फरमा। जो नमाज नहीं पढ़ते हैं, उन्हें नमाज पढ़ने की तौफीक अता फरमा। अल्लाह हम सब गुनाह में डूबे हुए हैं, लेकिन तू ही गफूर-ए-रहीम है। हम पर रहम कर और सारी कौम और कायनात को बख्श दे। रो-रोकर दुआएं मांगते हुए परवरदिगार की बारगाह में अपना दामन भिगोते हुए कहा कि अल्लाह बहुत बड़ा एहसान और रहम दिल है। जामा मस्जिद में नगर के साथ दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी नमाज अदा करने पहुंचे थे। सुरक्षा के मद्देनजर बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ एसडीएम ज्ञानपुर कविता मीना, क्षेत्राधिकारी कालू सिंह, तहसीलदार देवेंद्र यादव, प्रभारी निरीक्षक संजय राय, चौकी प्रभारी सुशील कुमार त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।