ज्ञानपुर। दिव्यांगों को सरकार अब तकनीकी शिक्षा देकर आत्मनिर्भर बनाएगी। जिससे वह दूसरों पर निर्भर रहने के बजाए खुद ही दूसरों को रोजगार दिला सकें। प्राविधिक शिक्षा विभाग के तहत कानपुर की डॉ. अंबेडकर इंस्टीट्यूट आफ टेक्नॉलाजी फॉर हैंडीकैप्ड में दिव्यांगों को प्रवेश के लिए सुनहरा मौका दिया गया है। सबसे खास है कि दिव्यांगों को सभी सुविधाएं नि:शुल्क दी जाएगी।
शारीरिक रूप से दिव्यांग बच्चों को जन्म से ही काफी परेशान होना पड़ता है। ऐसे बच्चों के सहूलियत के लिए सरकार की ओर से तमाम योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन सामाजिक कुरीतियों से उन्हें परेशान होना पड़ता है। आर्थिक रूप से मजबूत घरों में दिव्यांगों को पढ़ाई में दिक्कत नहीं आती लेकिन गरीब तबके के बच्चों को आठवीं के बाद से ही परेशानी उठानी पड़ती है। सरकार अब हाईस्कूल और इंटरमीडिएट उत्तीर्ण हो चुके दिव्यांगों को कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, आर्टीटेक्चरल असिस्टेंटशिप, माडर्न आफिस मैनेजमेंट एंड सेक्रेटेरियल प्रेक्टिस की शिक्षा दी जाएगी। इसके लिए कानपुर की डॉ. अंबेडकर इंस्टीट्यूट आफ टेक्नालाजी फार हैंडीकैप्ड का चयन हुआ है। तीनों पाठ्यक्रम में 40-40 छात्र-छात्राओं का प्रवेश लिया जाएगा। संस्थान में नि:शुल्क पढ़ाई, छात्रावास, यूनिफार्म, छात्रवृत्ति समेत सारी व्यवस्थाएं मिलेगी। माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से पत्र जारी कर जिले के प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया गया कि वे अपने यहां के दिव्यांग छात्र-छात्राओं का प्रवेश कराना सुनिश्चित करें। जिला विद्यालय निरीक्षक अशोक चौरसिया ने कहा कि प्रधानाचार्य दिव्यांग छात्रों का संस्थान की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कराएं।