ज्ञानपुर। सपा-बसपा गठबंधन की चुनावी जनसभा में मंगलवार को जिला मुख्यालय सरपतहां पहुंचीं बसपा सुप्रीमो मायावती मंच साझा कर रहे पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के प्रशासनिक अनुभव पर इशारों ही इशारों में अंगुली खड़ी कर दी। जिले के नाम के आगे से संत रविदासनगर शब्द हटाने के मसले पर प्रधानमंत्री मोदी के हमले का जवाब देते हुए मायावती ने कहा कि अखिलेश पहली बार मुख्यमंत्री बने थे और ब्यूरोक्रेसी की चाल को समझ नहीं पाए। यह तो आप जानते ही हैं कि ब्यूरोक्रेसी मुख्यमंत्री को कैसे नचाती है।
केंद्र और प्रदेश में भाजपा को रोकने के लिए उत्तर प्रदेश में सपा और बसपा ने गठबंधन किया है। इसे परिवर्तन का गठबंधन नाम दिया गया है। तमाम सीटों पर चुनाव प्रचार के दोनों दलों के मुखिया मायावती और अखिलेश यादव मंच साझा कर रहे हैं। इसी क्रम में मंगलवार को जिले में रैली के दौरान मोदी के उठाए गए सवाल का जवाब देते हुए मायावती अखिलेश यादव के मुख्यमंत्रित्व काल की प्रशासनिक क्षमता पर भी सवाल खड़े कर दिए। हालांकि उन्होंने फिर प्रधानमंत्री पर ही पलटवार किया। कहा कि अब तो आप ही की सरकार केंद्र और प्रदेश दोनों में है। तो आपने ही जिले का नाम फिर से बदल कर संत का सम्मान क्यों नहीं कर दिया। मायावती ने कहा कि सरकार बनी तो जिले का नाम फिर से संत रविदास नगर किया जाएगा और जिन अन्य जिलों के नाम बदले गए हैं, उनके नाम भी पूर्ववत किए जाएंगे।