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आंधी बारिश से खेतीबारी का नुकसान

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ज्ञानपुर। मौसम ने मंगलवार को एक बार फिर पलटी मारी। सुबह पांच बजे आई तेज आंधी और बारिश से फसलों को जहां नुकसान हुआ वहीं कई स्थानों पर टिन शेड आदि उखड़ गए। अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। खलिहानों में रखी फसल भींगकर लथपथ हो गई। आंधी चलने से ज्ञानपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में करीब आठ घंटे बिजली आपूर्ति ठप रही।
मार्च में मौसम रुक-रुककर करवट बदलता दिखा। पहले सप्ताह में दो दिनों तक हल्की बूंदाबांदी और आसमान में छाए बादलों से जहां सिहरन बढ़ गई थी, वहीं दूसरे सप्ताह में मौसम गर्म हो गया। सोमवार की रात में मौसम एक बार फिर रंग बदला। देर रात से आसमान में काले बादल छाने लगे। मंगलवार को भोर में पांच बजे से तेज हवाओं संग बारिश शुरू हुई। करीब आधे घंटे तक रुक-रुककर बारिश होती रही लेकिन तेज हवा करीब एक घंटे से अधिक तक चलती रही। इससे खेतों में तैयार गेहूं की फसल जहां गिर गई वहीं खलिहान में रखी सरसों की फसल पानी में भीग गई। मौसम में आए बदलाव से किसान चिंतित हो उठे हैं। करीब तीन माह की मेहनत से तैयार गेहूं की फसल को लेकर वह परेशान हो गए हैं। आशंका है कि अधिक बारिश या ओले आदि पड़ने से उनकी गाढ़ी मेहनत नष्ट हो सकती है। महराजगंज के किसान सत्यदेव चौबे, महेश तिवारी और विनोद चौबे ने कहा कि बारिश से उनकी सरसो की फसल खलिहान में ही भीग गई। अगर बारिश अधिक होगी तो गेहूं की फसल भी खराब होने का खतरा बढ़ जाएगा। आम के बौर के लिए भी आंधी नुकसानदायक रही। ज्ञानपुर के हरिहरनाथ मंदिर के समीप एक घर पर लगा टिन शेड गिर गया, हालांकि उस समय सड़क पर कोई जा नहीं रहा था जिससे कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। आंधी के साथ बारिश से जिले में बिजली और टेलीफोन व्यवस्था चरमरा गई। देर रात तीन बजे से गुल बिजली मंगलवार को दोपहर 12 बजे आई। इससे सुबह पानी के लिए हायतौबा मची रही। पेयजल के लिए लोग हैंडपंपों पर पहुंचे।
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उप निदेशक कृषि अरविंद सिंह ने कहा कि बारिश अधिक नहीं हुई, जिससे गेहूं की फसलों को नुकसान कम होगा। लेकिन, हवाओं के कारण गेहूं की फसल गिरी होगी तब मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अधिक बारिश होने से गेहूं की फसल गिरने की आशंका अधिक रहती है।
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