चौरी। इलाके के चकभुईधर गांव में लगे राजकीय नलकूप का उद्घाटन के आठ साल बाद भी पेयजल आपूर्ति का सपना पूरा नहीं हो सका। इससे चौरी बाजार समेत इलाके के छह गांवों को पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य मुकम्मल नहीं हो पाया। स्थिति यह है कि ओवरहेड टैंक और पाइप लाइन का काम ही नहीं हुआ है।
विधानसभा चुनावों में निर्णायक भूमिका निभाने वाले चौरी इलाके का समुचित विकास नहीं हो सका। 2007, 2012 और 2017 के चुनावों में यह क्षेत्रर निर्णायक रहा। करीब आठ साल पहले चकभूईधर गांव में शुरू हुई पेयजल योजना से चौरी बाजार समेत आसपास के कोल्हड़, जमुवा, वेदमनपुर आदि गांवों में डोर टू डोर पानी पहुंचाने का लक्ष्य था, लेकिन नलकूप का पानी चकभुईंधर के ग्रामीणों तक नही पहुंच सका। इससे चौरी बाजार सहित गांवों में पानी के लिए हैंडपंप ही सहारा रह गया है। 16 जनवरी 2011 को माध्यमिक शिक्षा मंत्री रंगनाथ मिश्रा ने नलकूप का उद्घाटन किया था। इस दौरान ओवरहेड टैंक बनाने और पाइपलाइन बिछाने की बात कही गई थी, हालांकि पाइप लाइन चकभुईंधर के कुछ स्थानों पर ही बिछाकर जिम्मेदारों ने इतिश्री कर लिया। इसके बाद न तो ओवरहैड टैंक बना और न ही गांवों में पाइपलाइन का काम हो पाया । पूर्व प्रधान प्रदीप जायसवाल, जावेद अंसारी, रामसागर मौर्या, संतारा देवी ने कहा कि अगर ओवरहेड टैंक और पाइप लाइन का काम हो जाता तो गांव में पेयजल की समस्या दूर हो जाती। गांव के लोग वर्षों से इसको लेकर आशान्वित हैं, लेकिन जिम्मेदार लोग इसको लेकर गंभीर नहीं हैं।