भदोही। भदोही और परसीपुर स्टेशनों के बीच बुधवार से अंतिम चरण का नॉन इंटरलाकिंग कार्य शुरू हो गया। दिन भर चले कार्य से हालांकि कोई ट्रेन रद नहीं करनी पड़ी, लेकिन दो ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ। नॉन इंटरलाकिंग कार्य से रेलवे अधिकारियों का जमावड़ा भदोही में लगा रहा। उल्लेखनीय है कि वाराणसी से परसीपुर तक रेलमार्ग डबल हो चुका है। भदोही और परसीपुर के बीच दोहरीकरण का कार्य पूरा करने के लिए बुधवार से तीन दिन तक कर्मचारियों ने काम शुरू किया।
यह अंतिम चरण का नॉन इंटरलाकिंग कार्य है। इसके पूरा होने से इस रेल मार्ग के दोहरीकरण का काम पूरा हो जाएगा और ट्रेनें अपने अपने रूट से निर्बाध रूप से दौड़ सकेंगी। सुबह से ही कर्मचारियों ने अलग- अलग साइटों पर काम शुरू किया। इसके लिए रेलवे मंडल के सैकड़ों कमचारियों की तैनाती की गई है, जिन्होंने पैनल कक्ष से रेलवे ट्रैक तक काम किया। भदोही और परसीपुर स्टेशनों स्थित पैनल कक्षों में काम दिया भर चला। इस दौरान दोनों स्टेशनों के बीच ट्रेनों को कॉशन के सहारे चलाया गया। उधर नॉन इंटरलाकिंग कार्य संपन्न करने के लिए दोपहर 12.40 बजे से 2.40 तक रोल मार्ग को अवरुद्ध किया गया। इस दौरान गोरखपुर से लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस एक घंटे विलंबित हुई तो लखनऊ-वाराणसी इंटरसिटी एक्सप्रेस डेढ़ घंटे देर से चल पाई। दोनों ट्रेनों को अलग अलग स्टेशनों पर रोका गया। स्टेशन अधीक्षक कोमल सिंह ने बताया कि विभाग का प्रयास रहा कि यात्रियों को कम से कम असुविधा हो।
गजिया रेलवे फाटक पर लग रहा ऑटोमेटिक बूम
भदोही। रेलवे फाटक पर बार बार होने वाली समस्या के मद्देनजर अहमदगंज गजिया रेलवे फाटक पर ऑटोमेटिक बूम स्थापित किया जा रहा है। इससे फाटक पर वाहनों के दबाव के बाद भी गेट बंद करना आसान होगा। हलांकि स्टेशन अधिकारियों का कहना है कि इसका उपयोग विशेष परिस्थितियों में ही किया जाएगा। नॉन इंटरलाकिंग कार्य पूरा होते ही इसका प्रयोग शुरू कर दिया जाएगा। इस रेलवे फाटक पर वाहनों का दवाब और आए दिन गेट बंद करने में हो रही समस्या को देखते हुए यह निर्णल लिया गया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार जब कभी भी गेट बंद करने में दिक्कत होगी तो इस गेट का उपयोग किया जाएगा।