ज्ञानपुर। जिले में 86 परीक्षा केंद्रों को लेकर आपत्ति मांगी गई, तो तीन दिन में ही 50 से अधिक आपत्तियां कार्यालय में पहुंच गईं। केंद्रों की दूरी से लेकर मानकों पर भी सवाल उठाए गए हैं। शिक्षा विभाग की ओर से जिला स्तरीय समिति को जांच के लिए पत्र भेजा गया है।
फरवरी में प्रस्तावित यूपी बोर्ड परीक्षा की तैयारी को लेकर विभाग सक्रिय है। 2018 के सापेक्ष छात्र संख्या भी करीब पांच हजार अधिक हो गई है। गत वर्ष 57 हजार छात्र-छात्राओं ने बोर्ड परीक्षा दी थी, जबकि इस साल संख्या 62 हजार से अधिक है।
यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए परीक्षा केंद्रों का निर्धारण करने का काम शुरू होते ही आपत्तियों की बौछार शुरू हो गई है। बृहस्पतिवार तक जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में 50 से अधिक आपत्तियां आ गईं। इस बार कुछ ऐसे विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बना दिया गया है, जो मानक को पूर्ण नहीं करते। इसके लिए विभाग की ओर से 14 नवंबर तक आपत्ति मांगी गई थी। अब विभाग इसके निस्तारण में जुट गया है। जिला विद्यालय निरीक्षक अशोक कुमार चौरसिया ने कहा कि आपत्तियों का निस्तारण डीएम की गठित टीम करेगी। केंद्रों का जायजा लेने के बाद टीम तय करेगी कि वे केंद्र लायक हैं या नहीं। यूपी बोर्ड परीक्षा में हाईस्कूल के कुल 33,749 परीक्षार्थी हैं। जिनमें 17,630 छात्र और 16,119 छात्राएं हैं। इसी तरह इंटर की परीक्षा में 27,884 विद्यार्थी भाग लेंगे। इनमें 14,229 छात्र और 13,655 छात्राएं होंगी। केंद्र निर्धारण के लिए 179 कॉलेजों की सूची एवं उनके भौतिक संसाधनों की रिपोर्ट बोर्ड को भेजी गई थी। शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों की अंतिम सूची के साथ केंद्र निर्धारण के लिए 179 कॉलेजों का विवरण परिषद को भेजा था, जिसमें 86 केंद्र के लिए नामित हुए हैं।