ज्ञानपुर (भदोही)।
भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय एकात्मवाद के प्रतीक थे। वह दबे-कुचले लोगों के लिए हमेशा लड़ाई लड़ते रहे। किसानों का विकास हुए बिना देश आगे नहीं बढ़ेगा। केंद्र और प्रदेश सरकार किसानों की आय दोगुना करने में लगी है।
वह बृहस्पतिवार को विकास भवन में पं. दीनदयाल उपाध्याय उपाध्याय के जन्म शताब्दी पर विकास भवन परिसर में आयोजित तीन दिवसीय जिला स्तरीय अंत्योदय मेला एवं प्रदर्शनी में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति के विकास की परिकल्पना ही अंत्योदय की मूल धारणा है। पं. दीनदयाल उपाध्याय तेजस्वी, यशस्वी समाज के चिंतक थे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा की। उन्होंने लोगों से कहा कि वह राष्ट्रहित के बारे में सोचें। सांसद प्रतिनिधि शैलेंद्र दूबे ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय ने एकात्म मानववाद का जो सिद्धांत प्रतिपादित किया, वह विश्व बंधुत्व की दिशा में एक अभिनव प्रयास है। जिलाध्यक्ष हौसिला प्रसाद पाठक और सीडीओ हरिशंकर सिंह ने कहा कि पंडित जी के चिंतन में लोग मंगल एवं राष्ट्र समाहित रहता था। संचालन वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. कृष्णावतार त्रिपाठी ने किया। इसके पूर्व मुख्य अतिथि ने पं. दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मेले में कलाकार ऊषा गुप्ता और रामराज यादव ने गीत प्रस्तुत किया। इस दौरान कृषि विभाग, ग्रामोद्योग विभाग, कौशल विकास मिशन, पशुपालन विभाग, होम्योपैथ विभाग, एलोपैथ चिकित्सा समेत कई विभागों के स्टाल भी लगाए गए थे। इस मौके पर सीएमओ डॉ. सतीश सिंह, डॉ. आरबी मौर्य, प्रभारी डीपीओ रविश्वर राव, टीएन उपाध्याय, नागेंद्र सिंह, प्रदीप सिंह, रामेश्वर सिंह, मनोज पांडेय समेत कई लोग मौजूद रहे।
प्रचार-प्रसार का दिखा अभाव, खाली रहीं कुर्सियां
ज्ञानपुर। विकास भवन पर गुरुवार को आयोजित जिलास्तरीय अंत्योदय मेले में प्रचार-प्रसार का अभाव दिखा। आंगनबाड़ी सहायिकाओं को छोड़ दिया जाए तो पंडाल खाली ही दिख रहा था। पक्तियों में रखी गई बड़ी संख्या में कुर्सियां खाली रहीं। स्टाल पर भी गिने-चुने लोग पहुंच रहे थे।