गंगा के बढ़ते जलस्तर ने लोगों की दुश्वारियां बढ़ानी शुरू कर दी है। सोमवार को जलस्तर 80.800 मीटर तक पहुंच गया। इससे बेरासपुर, बदरी गांवों के कई घरों में पानी प्रवेश कर गया। इससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। 12 से 15 गांवों के 15 हजार से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हो गए हैं। गांवों में नाव चलने लगी है और कई परिवार घर छोड़कर सुरक्षित स्थान पर पहुंच गए हैं।
औराई-मिर्जापुर मार्ग पर टेढ़वा के समीप पानी आने से कुछ समय के लिए यातायात रोका गया, लेकिन बाद में उसे बहाल कर दिया गया। एक सप्ताह से बढ़ते जलस्तर की जद में आने से करीब ढाई हजार बीघे तिलहन, दलहन और ज्वार बाजरे की फसल नष्ट हो गई।सीतामढ़ी संवाददाता के अनुसार, गंगा के बढ़ते जलस्तर से इलाके के लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। तटीय गांव छेछुआ-भुर्रा, गजाधरपुर, हरिरामपुर, कलिकमवैया, बसगोती मवैया, मवैयाथान सिंह, इटहरा, लखनपुर भदरांव, कलातुलसी, धनतुलसी, कूड़ी कला, कूड़ी खुर्द, शेरपुर, बहपुरा, डीघ, तलवा, मनीपुर, नारेपार, बारीपुर, फुलवरिया गांव में करीब दो हजार बीघे फसल नष्ट हो गई।
तलवा, गजाधरपुर, मनीपुर, कलिकमवैया गांव में पानी लोगों के घरों में पहुंचने लगा है। केंद्रीय जल आयोग के सीतामढ़ी स्थित कार्यालय के अनुसार शाम छह बजे तक जलस्तर 80.800 मीटर पहुंच गया है। जलस्तर एक सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। माना जा रहा है कि जलस्तर ऐसे ही बढ़ता रहा तो डेढ़ दशक पुराना रिकार्ड मंगलवार तक टूट जाएगा। महराजगंज संवाददाता के अनुसार, गंगा के बढ़ते जलस्तर से इलाके के द्वारकापुर, कोलाहलपुर, इटवा गांव में बाढ़ का पानी पहुंचने लगा है।
इसको लेकर ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों में नाराजगी है कि प्रशासन का कोई अफसर अब तक गांव में नहीं पहुंचा। कौलापुर संवाददाता के अनुसार, गंगा के रौद्र रूप से इब्राहिमपुर, जगदीशपुर, दानीपट्टी, बेरासपुर, बिहरोजपुर और बदरी के लोग भयभीत हो गए हैं। बेरासपुर के निषाद बस्ती में कई घरों में पानी घुस गया है। महेश कुमार निषाद, दरोगा निषाद, छोटे निषाद समेत कई लोग प्रभावित हैं। पूर्व माध्यमिक विद्यालय बदरी पानी की जद में आ गया है। दानीपट्टी में माता चरण, विजयनाथ का आवासीय मड़हे में पानी पहुंच गया है।