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लापरवाही में डीएम ने 15 नोडल अफसरों का रोका वेतन

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ज्ञानपुर। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के लंबित आवेदनों का निस्तारण न होने पर डीएम राजेंद्र प्रसाद ने 15 नोडल अधिकारियों का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया। इसके साथ सभी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए शासन में संस्तुति की। बेसिक और माध्यमिक विभाग के अधिकारियों को तीन दिन का समय देते हुए हिदायत दी।
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बेटी को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने कन्या सुमंगला योजना को लागू किया है। इसमें बेटियों को छह चरणों में 15 हजार रूपये देने का प्राविधान है। तहसील, ब्लॉक, खंड शिक्षा अधिकारियों संग कई विभागों में पांच हजार से अधिक आवेदन लंबित है। जिससे अब तक मात्र 1280 के करीब बेटियों को लाभ मिल सका। तीन दिन पूर्व डीएम राजेंद्र प्रसाद ने सभी नोडल अधिकारियों को दो दिन का समय देते हुए आवेदनों का निस्तारण करने का निर्देश दिया था लेकिन विभागों की ओर से निस्तारण में रूचि नहीं ली गई। इसको लेकर डीएम ने सख्त रवैया अख्तियार किया है। शनिवार की शाम को आयोजित बैठक में योजना के नोडल अधिकारी छह खंड शिक्षा अधिकारी, छह बीडीओ और तीनों एसडीएम का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया। योजना में खंड शिक्षा अधिकारी स्तर पर 1709, ब्लॉक स्तर पर 2097 और एसडीएम स्तर पर 892 आवेदन लंबित है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से हिदायत दिया कि मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना बेटियों और महिलाओं के सशक्तीकरण की योजना है। इसके प्रति रूचि न लेना शासन के निर्देशों की उपेक्षा है। डीएम ने बेसिक शिक्षा औरमाध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी भी दी है कि योजना की प्रगति में सुधार लाए वरना कार्यवाही निश्चित होगी। जिला प्रोबेशन अधिकारी महेंद्र यादव न बताया कि अब तक जिले में कुल 10 हजार 736 आवेदन आनलाइन किए गए है जबकि शासन से जिले में पात्र लाभार्थियों का आवेदन कराने के लिए 16 हजार का लक्ष्य निर्धारित है। बैठक में सीडीओ विवेक त्रिपाठी, सीएमओ डॉ. लक्ष्मी सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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