भदोही। नगर के मोहल्ला जमुंद में शुक्रवार की रात आयोजित जिक्रे मुस्तफा कान्फ्रेंस में उलेमाओं ने तालीम पर जोर दिया। कहा कि तालीम जिंदगी की हर परेशानी का हल समेटे हुए है। हर मां बाप को अपने बच्चों को तालीम देनी चाहिए, जो उसकी परेशानियों को कम कर सकता है। कहा कि दुनियावी तालीम भी जरूरी है, लेकिन उससे पहले दीनी तालीम देनी चाहिए। दीनी तालीम से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है।
मोहल्ले में अल अक्सा कमेटी की ओर से हर वर्ष जलसे का आयोजन किया जाता है। मौलाना सैय्यद शान आलम ने अपने खिताब में कहा कि हम देख रहे हैं कि पूरी दुनियां में मुसलमान परेशान हाल है। इस्लाम के आधार स्तंभों को अपना कर परेशानियां दूर की जा सकती है। कहा कि अल्लाह ने कुरआन नाजिल किया। वह इसलिए कि मुसलमान सही और गलत में फर्क समझ सके। जो लोग कुरआन पढ़ चुके हैं उन्हें अच्छा व खराब की जानकारी है। ऐसे लोगों को चाहिए कि समाज में कुरआन की सीख बांटें।
मौलाना ने कहा कि रोजा, नमाज, जकात में बड़ी ताकत है। इससे आपकी परेशानी अल्लाह दूर करेगा। कुरआन और सुन्नतों पर अमल करने पर जोर दिया। जिस दिन मुसलमान कुरआन की बातों को अपना लेगा उस दिन से उसकी परेशानियों का अंत हो जाएगा। कांफ्रेंस का आगाज हाफिज अरफात हुसैन के तिलावते कुरआन से हुआ। शायर शाहिद रजा, तस्लीम रजा, सकलैन वजाहत, सदरे आलम आदि ने नाते पाक पेश किया। सदारत हाफिज अशफाक रब्बानी, हाफिज तबरेज अहमद ने तथा निजामत हाफिज आसिफ रजा ने की। कमेटी के नूर मोहम्मद, बाबू राइन, इरशाद अंसारी, राज राइन, अरशद अंसारी, वसीम खां, राजू राइन, महताब आलम, असगर अंसारी, फैसल अंसारी आदि ने लोगो का आभार जताया।