भदोही। हरिद्वार के सूफी आबिद हुसैन कलियरी ने कहा कि जहां गुंडागर्दी हो, दहशतगर्दी हो या कोई काम ताकत से किया जा रहा हो वहां इस्लाम नहीं हो सकता। अगर वहां कोई इस्लाम का नाम ले रहा है तो वह हमारे इस्लाम धर्म का बेजां इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने कहा कि हम सबसे पहले हिंदुस्तानी हैं इसके बाद मुसलमान हैं। जो हिंदुस्तान में अशांति फैलाना चाहता हो चाहे कोई भी हो उसे तो हम इंसान भी नहीं मानते। सूफी बीती रात जल्लापुर इस्लामपुर में जश्ने वलाएत मौला-ए कायनात कांफ्रेंस में बोल रहे थे।
उन्होने कहा कि हिंदुस्तान में रहने वाला कोई भी शख्स पहले हिंदुस्तानी है बाद में किसी धर्म का है। उन्होंने हजरत मोहम्मद सल्ल. का पैगाम सुनाते हुए लोगों को बताया कि उन्होंने हमें इंसानियत का पाठ पढ़ाया। हम उनके मानने वाले हैं। कहा जो कुरआन को पढ़ और समझ चुके हैं वो इन बातों को बेहतर ढंग से समझते हैं। लेकिन यहां ऐसे लोग भी हैं जो कुरआन को मानते हैं लेकिन कुरआन की बातों को अमल में नहीं लाते।
जलसे का आगाज कुरआन पाक के तिलावत से हुआ। जिसके बाद शायर अकरम झिंगुरपूरी ने अल्लाह के वली हजरत साबिर पिया कलियर शरीफ के शान में अशआर प्रस्तुत किए। कारी अब्दुल जलील ने भी खिताब किया। हाजी आजाद खां, हन्नान अंसारी, खुर्रम अंसारी, इम्तीयाज अंसारी, शानू अंसारी, मो.यूनुस, मो.साजिद, महमूद अली, मो.लतीफ, सेराज नेता, इस्लाम, एखलाक अहमद आदि मौजूद रहे।