ज्ञानपुर। यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए अब एक माह का समय शेष बचा है। परीक्षा को पारदर्शी ढंग से कराने के लिए महकमा केंद्र निर्धारण के बाद अब कक्ष निरीक्षकों की सूची तय करने के साथ ही केंद्रों की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में लग गया है। प्रबंधकों की ओर से कक्ष निरीक्षकों की सूची देने में आनाकानी की जा रही है। 189 में से अब तक 139 माध्यमिक और इंटरमीडिएट कॉलेजों ने कक्ष निरीक्षकों की सूची उपलब्ध नहीं कराई है। इसको लेकर डीआईओएस ने नाराजगी जताई। एक सप्ताह के अंदर कक्ष निरीक्षकों की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
आठ फरवरी से शुरू होने वाली हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा की तैयारी तो वैसे तीन-चार माह पूर्व से ही चल रही है, लेकिन अब विभाग तैयारी को मूर्त रूप देने में जुट गया है। 62 हजार परीक्षार्थियों के लिए 96 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जो पिछले साल से करीब 24 अधिक है। इस साल जीआईसी समेत कई विद्यालयों ने संसाधन के मद्देनजर छात्र संख्या को सीमित कर दिया। इसी तरह छात्राओं के लिए नजदीक केंद्र बनाने से केंद्रो की संख्या बढ़ गई है। 40 परीक्षार्थी पर एक कक्ष निरीक्षक के मानक के आधार पर करीब 1600 कक्ष निरीक्षक लगाए जाएंगे। कक्ष निरीक्षकों की सूची को अंतिम रूप देने के लिए 189 माध्यमिक और इंटर कॉलेजों से कक्ष निरीक्षक बनने वाले शिक्षकों की सूची मांगी गई थी लेकिन अब तक 50 स्कूलों ने ही उपलब्ध कराया। इसको लेकर डीआईओएस अशोक कुमार चौरसिया ने नाराजगी जताई। उन्होंने एक सप्ताह में सूची को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। बताया कि इस साल परीक्षा केंद्रो के हर कक्ष में दो सीसीटीवी और एक वायर रिकार्डर लगेगा।
एनआईसी से जुड़ेंगे सभी परीक्षा केंद्र
ज्ञानपुर। 2018 की तरह 2019 की बोर्ड परीक्षा पर डीएम की नजर रहेगी। विभाग की ओर से सभी केंद्रों को एनआईसी से जोड़ने की कवायद चल रही है। जिलाधिकारी की संस्तुति के बाद विभाग 96 परीक्षा केंद्रों को वाई-फाई से जोड़ देगा। डीआईओएस ने कहा कि डीएम से वार्ता के बाद व्यवस्था को प्रभावी किया जाएगा।