शासन का फरमान कुछ भी हो लेकिन लोकल फाल्ट के चलते भदोही शहरवासियों को समुचित बिजली नहीं मिल पा रही है। सबसे खराब स्थिति कारपेट सिटी फीडर की है, जहां सप्ताह में एक बार फाल्ट जरूर होता है। शुक्रवार को अपराह्न तीन बजे बिजली गुल हुई तो फिर अगली सुबह 10 बजे ही बहाल हो सकी। इसे लेकर लोगों में भारी आक्रोश रहा। लोगों का कहना है कि प्रशासन ने कारपेट सिटी फीडर की समस्या से मुंह मोड़ लिया है। नगरवासियों ने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप कर समस्या दूर कराने की मांग की है।
नवरात्र के अपेक्षाकृत धनतेरस और दीपावली पर शहरवासियों को बेहतर बिजली मिली है लेकिन दिवाली अभी ठीक से बीती भी नहीं थी कि शुक्रवार को तीन बजे जब बिजली गुल हुई तो लोगों को यह नहीं पता था कि रात भर अंधेरे में बिताना पड़ेगा। शहर के पश्चिमी हिस्से में शाम को तो बिजली बहाल हो गई लेकिन कारपेट सिटी और धौरहरा फीडर की बिजली नहीं आई। इससे लोग बेचैन हो उठे। उमस और गर्मी के बीच लोग बिजली का इंतजार करते रह गए लेकिन रात भर बिजली नहीं आई। इससे जमुनीपुर, मथुरापुर, नूरखांपुर, घमहापुर, जल्लापुर, नईबस्ती, बंधवा, मर्यादपट्टी, बाजार सलावत खां, रामसहायपुर, काशीपुर, दरोपुर आदि शहरी क्षेत्र के मोहल्ले प्रभावित रहे। हाल यह रहा कि लोग कटौती का कारण जानने का प्रयास करते रह गए। कारण नहीं पता चला और सुबह हो गई। कांग्रेस प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य मसूद आलम ने कहा कि भाजपा सरकार त्योहारों पर भी समुचित बिजली नहीं दे पाई। लोकल फाल्ट का यह आलम रहा कि सरकार रोस्टर और 20 घंटे बिजली आपूर्ति की दुहाई देती रही लेकिन 8 से दस घंटे ही बिजली मुहैया करा पाई। 19 घंटे लगातार कटौती से शहरवासी बेहाल हो गए। इस दौरान कई मोहल्लों में पानी की किल्लत से भी जूझना पड़ा। कई मोहल्लों में लोगों को निजी सबमर्सिबल पंप और जेनरेटर की मदद से पानी मिल सका। उधर, अंधेरे में ही लोग रात गुजारने को मजबूर रहे। विभाग के प्रति खासी नाराजगी रही। लोगों ने कहा कि रोज रोज के लोकल फाल्ट से निजात दिलाने के लिए डीएम को हस्तक्षेप करना होगा। टाउन एसडीओ गोविंद प्रसाद ने इस बारे में बताया कि फत्तूपुर ट्रांसमिशन से कारपेट सिटी जा रहे लाइन में खराबी आने से समस्या हुई जिसे बहाल कर दिया गया है।