ज्ञानपुर (भदोही)। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम चंद्रशेखर प्रसाद की अदालत ने सोमवार को गैंगरेप के एक मामले में पूर्व बसपा सांसद गोरखनाथ पांडेय के पुत्र समेत चार दोषियों को आजीवन कारावास और एक-एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। कोर्ट ने यह फैसला तीन साल पूर्व कोइरौना थानाक्षेत्र के एक गांव में हुई सामूहिक दुराचार की घटना में दिया है।
कोइरौना थाने में दी गई तहरीर में क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने आरोप लगाया था कि 24 जुलाई 2014 को उसकी 16 वर्षीय पुत्री घर से शौच के लिए बाहर गई थी। वापसी में गांव के ही टिंकू सिंह पुत्र संतोष सिंह, विकास मिश्र उर्फ वीके एक बाइक से आए और उसे दबोच लिया व रिवॉल्वर से डराकर उसे गांव में ही स्थित एक स्कूल में ले गए, जहां पिंटू सिंह पुत्र संतोष सिंह और आनंद पांडेय पुत्र गोरखनाथ पांडेय निवासी बेरवा पहाड़पुर मौजूद थे। वहां उसे बंधक बना कर चारों ने कई बार बलात्कार किया। फिर 26 जुलाई को दिन में12 बजे उसे जबरन जहर पिला दिया। बाद में पता चलने मैं उसे बेहोशी की हालत में स्कूल से ले आया और जंगीगंज के एक डॉक्टर के यहां उसका उपचार कराया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से इस मामले में दस गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों के बयान और तर्कों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने चारों दोषियों को आजीवन कारावास और एक-एक लाख जुर्माने की सजा सुनाई। अर्थदंड में आधी राशि पीड़िता को देने का निर्देश दिया। अभियोजन पक्ष से बहस-पैरवी अपर शासकीय अधिवक्ता हसन रजा अंसारी ने की। बताते चलें कि इस प्रकरण में आरोपी पहले से ही जेल में हैं।