नईबाजार। लखनऊ से आए स्वयंसेवी संगठन बचपन बचाओ आंदोलन के सदस्यों ने सोमवार को नगर के एक कालीन कारखाने में छापा मार कर 14 बाल श्रमिक छुड़ाए हैं। सभी बाल श्रमिक बिहार के अररिया जनपद के निवासी हैं जिनकी उम्र 8 से 12 वर्ष के बीच बताई जा रही है। दोपहर 1 बजे पुलिस संग स्वयंसेवी संगठन के सदस्यों ने जब छापा मारा तो हड़कंप मंच गया और कारखाना संचालक फरार होने में कामयाब हो गया।
बचपन बचाओ आंदोलन के सदस्यों को जानकारी मिली थी कि नईबाजार के एक कारखाने में छोटे छोटे बच्चों से कालीन बुनाई का काम कराया जा रहा है। समिति के सदस्यों ने जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद को सूचना देकर तहसील से लेखपाल और कानूनगो तथा नईबाजार पुलिस को लेकर दोपहर कारखाने में छापा मार कर सभी 14 बच्चों को छुड़ा लिया। सभी बच्चों को गाड़ी में बैठा कर सीधे डीएम आवास पहुंचे। वहां जिलाधिकारी के निर्देश पर बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष डा.अनिल श्रीवास्तव को मामला सुपुर्द किया गया।
सीडब्लूसी अध्यक्ष के निर्देश पर सभी बच्चो का महाराजा चेंत सिंह अस्पताल में मेडिकल मुआयना कराने के बाद राम नगर (वाराणसी) बालगृह भेज दिया गया। इस बीच ज्ञात हुआ है कि अररिया जिला (बिहार) का ही कोई आजम नामक व्यक्ति कारखाना किराए पर लेकर चलाता था। छापा पड़ते ही मौका पाकर वह कारखाने से भागने में सफल हो गया। बचपन बचाओ आंदोलन के कांति भूषण ने बताया कि डीएम के निर्देश पर नईबाजार पुलिस भी छापे में शामिल थी। हलांकि कोतवाल पुलिस का कहना है कि अब तक इस संबंध में कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।