ज्ञानपुर। पंचायती राज विभाग बिजली बिल का बड़ा बकायेदार है। 14 करोड़ 71 लाख रुपये की वसूली के लिए बिजली विभाग परेशान है। पिछले पांच महीने में कई बार जिला पंचायत राज अधिकारी को पत्र भेजकर विभाग ने बकाये बिल के भुगतान की बात कही, लेकिन बजट न होने की बात कहकर मामला टाल दिया जाता है। पावर कारपोरेशन लिमिटेड लखनऊ के प्रबंध निदेशक एम. देवराज के आदेश का असर भी पंचायतीराज विभाग पर नहीं पड़ा।
एक्सईएन द्वितीय एमके सिंह ने कहा कि पांच माह में कई बार डीपीआरओ को पत्र भेजकर भुगतान में सहयोग की अपेक्षा की गई, लेकिन उपेक्षात्मक रुख के चलते प्रतिमाह परिषदीय विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र, ग्रामीण पेयजल योजना, स्ट्रीट लाइट के नाम पर बिजली बिल बढ़ रहा है। वित्तीय वर्ष 2017-18 से बकाए की रकम बढ़कर 14.71 करोड़ रुपये हो गई है। इसे वसूल करने के लिए कॉरपोरेशन ने स्पष्ट आदेश पारित किया है कि पंचायती राज विभाग को विकास कार्यों के नाम पर मिल रहे विभिन्न मदों से भुगतान कराया जाए। बावजूद इसके अब तक भुगतान नहीं हुआ। कहा कि यदि राजस्व की अदायगी नहीं होगी तो उपकरणों के रखरखाव, अनुरक्षण कार्य संभव नहीं हो सकते। कहा कि वर्षों से लटके भुगतान के लिए विभाग ने शासन को लिखापढ़ी करते हुए डीएम को भी पत्र भेजा है। डीपीआरओ बालेशधर द्विवेदी ने कहा कि शिक्षा विभाग, आईसीडीएस, कार्यदायी संस्थाओं और ग्रामसभा स्तर पर भुगतान कराने का प्रयास किया जा रहा है।