भदोही। अंतराष्ट्रीय महिला दिवस केे उपलक्ष्य में शनिवार को मदर्स प्राइड एकेडमी में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ ही अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली आठ महिलाओं को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि पूर्णिमा सागर सचिव जिला न्यायिक प्राधिकरण ने कहा कि महिलाएं खुद को कमजोर न समझें। उनकी इच्छा शक्ति ही उनकी पूंजी। जिसके बल पर अधिसंख्य महिलाओं ने अलग- अलग क्षेत्रों में नाम कमाया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को मजबूत करना हो तो बाल्यकाल से ही उन्हें शिक्षित करने का काम करें।
उन्होंने कहा कि महिलाओं अपना भला बुरा स्वयं समझ सकती है। आज राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय मुख्य पदों महिलाओं को देख कर यह समझ सकते हैं कि महिलाएं पुरुषों से कहीं कमतर नहीं रह गई हैं। उन्होंने कहा कि बेटियों के जन्म लेने के बाद भी अपनी जिम्मेदारी को खत्म न समझें और उन्हें पढ़ा लिखा कर उनका मार्गदर्शन करें। जनपद की मुख्य चिकित्साधिकारी डा.लक्ष्मी सिंह ने कहा कि शासन ने भ्रूण की जांच पर गंभीरता से रोक लगाई है। धीरे धीरे समाज में भी बदलाव आ रहा है। महिलाओं ने बेटियों का मोल समझा है। उन्हें पता है कि बेटियां जरूरी नहीं कि घर से कुछ ले जाएं बल्कि वे देकर भी जाती हैं। उनकी सबसे खास बात यह है कि वे मां बाप से दूर रहकर भी अपने मां बाप के दिलों में बसती हैं। कार्यक्रम में चिकित्सा, शिक्षा, व्यवयास व सामाजिक कार्यों के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए 8 महिलाओं को सम्मानित किया गया।
इन्हें मिला सम्मान
डा.शालिनी गुप्ता व डा.समर अजहर (चिकिस्सा), निलोफर हुसैन, शालिनी मेहरा (शिक्षा), संगीता खन्ना, योगिता हेमकर (समाज सेवा) व सायमा आफताब, अल्पा मेवावाला (व्यवसाय) को उत्कृष्ट योगदान देने के लिए प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर नन्हें मुन्ने बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम गीत, नृत्य प्रस्तुत कर अतिथियों की तालियां बटोरी। नाहिद सुहैल, फरहीन अंसारी, तबस्सुम अंसारी ने लोगों को शुक्रिया अदा किया। मुख्य रूप से डा.एके गुप्ता, एकराम अंसारी, अंदलीप सिद्दीकी, रीना खान, शमूना मुशीर, रेखा जायसवाल, हाजी अब्दुल हादी, डा.मुमताज, मुशीर इकबाल, डा.अजहर आसिफ आदि मौजूद रहे।